प्रदेश में मानसून जल्द ही दस्तक देने वाला है,,,,,,, ऐसे में किसान भी फसलों की बिजाई के लिए तैयार हैं,,,,,,बतादें कि बाजरा हरियाणा एवं पुरे भारत में गेहूं, धान, मक्का एवं ज्वार के बाद उगाई जाने वाली एक मुख्य खादान्न फसल है,,,,,, मानसून के साथ बाजरे की बिजाई का समय भी आ गया है,,,,,,,बाजरे की बिजाई के लिए जुलाई का प्रथम पखवाड़ा सबसे अच्छा समय माना जाता है,,,,,,, परंतु बारानी इलाकों में मानसून की पहली बारिश होने पर ही बिजाई करें,,,,, इसी को ध्यान में रखते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बाजरा सैक्शन के विभागाध्यक्ष डॉ सुरेंदर कुमार पहूजा ने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने उपलब्ध साधनों के हिसाब से बीज आदि का प्रबंध कर लें,,,,,,, बाजरे की अच्छी पैदावार के लिए किसान संकर बाजरे का हर साल नया बीज लेकर ही बोएं,,,,,,, उन्होंने बताया कि बाजरे की फसल सितम्बर के अन्त या अक्तूबर में पककर तैयार हो जाती है,,,,,,
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डॉ सुरेंदर कुमार पहूजा ने विश्वविद्यालय द्वारा अनुमोदित बाजरे की मुख्य किस्मों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने बाजरे की दो नई बायोफोर्टीफाइड किस्मों का अनुमोदन किया है,,,,,,, जिनमें लौह तत्व एवं जिंक अन्य किस्मों के मुकाबले अधिक मात्रा में पाया जाता है,,,,,, इनमें एच एच बी 299 एक अधिक लौह युक्त संकर बाजरा किस्म हैं,,,,,,
वहीं उन्होने खेत की तैयारी करने को लेकर बताया कि बाजरे की बिजाई जुलाई माहीने के प्रथम पखवाड़े में उचित होती है,,,,,, लेकिन बारानी इलाके जो बारिश पर निर्भर करते हैं,,,,,,, वहां मानसून की पहली बारिश होने पर ही बिजाई करें,,,,,,, इसके अलावा 10 जून के बाद 50 से 60 मिली मीटर वर्षा होने पर भी बिजाई की जा सकती है,,,,,,, उन्होंने कहा कि किसान खेत की पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करें,,,,,और बाद में 1 या 2 जुताई देशी हल से करें,,,,,,और इसके बाद फौरन सुहागा लगाकर अच्छी तरह तैयार करें ताकि घास-फूस ना रहे
साथ ही उन्होने कहा कि बीजोपचार किसान अवश्य करें,,,,,किसान बाजरे का प्रति एकड़ 1.5 से 2 किलोग्राम बीज बोएं ताकि 60-65 हजार पौधे प्रति एकड़ बारानी अवस्था में तथा 70-75 हजार पौधे सिंचित अवस्था में प्राप्त हो सकें,,,,,उन्होने कहा कि बिजाई पंक्तियों में करनी चाहिए तथा इनका फासला 45 सै.मी. रखकर बीज 2.0 सै.मी. से ज्यादा गहराई पर ना पड़े औऱ पौधे से पौधे की दूरी 10 से 12 सै.मी. रहे,,,,,,
साथ ही उन्होने कहा कि निराई-गुड़ाई और खरपतवार पर नियंत्रण रखे,,,,,,फसल में खाद मिट्टी परीक्षण के आधार पर दें,,,,,साथ ही उन्होने कहा कि बाजरे की डिमांड लगातार बढ़ रही है ,,,,,,,
किसानों की बाजरे की बिजाई के लिए जुलाई का प्रथम पखवाड़ा सबसे अच्छा समय माना जाता है,,,,,,, परंतु बारानी इलाकों में मानसून की पहली बारिश होने पर ही बिजाई करें,,,,, इसी को ध्यान में रखते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बाजरा सैक्शन के विभागाध्यक्ष डॉ सुरेंदर कुमार पहूजा ने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने उपलब्ध साधनों के हिसाब से बीज आदि का प्रबंध कर लें,,,,,,, बाजरे की अच्छी पैदावार के लिए किसान संकर बाजरे का हर साल नया बीज लेकर ही बोएं,,,,,
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