नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से तेलंगाना, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर के लिए कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कदम क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे इन राज्यों में यातायात और परिवहन सुविधाओं में सुधार होगा।
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प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दशक को “भारतीय रेलवे के स्पष्ट परिवर्तन का दशक” बताते हुए कहा कि इस दौरान किए गए परिवर्तनों ने देश की छवि को नया रूप दिया है और देशवासियों का विश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ शुरुआत है, और आने वाले समय में भारतीय रेलवे में और भी बड़े बदलाव होंगे।
तेलंगाना में नई रेलवे परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले में स्थित चरलापल्ली न्यू टर्मिनल स्टेशन का उद्घाटन किया। यह स्टेशन लगभग 413 करोड़ रुपये की लागत से नए कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया है, जो पर्यावरण के अनुकूल और अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस होगा। इस टर्मिनल से सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचेगुडा जैसे प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों पर होने वाली भीड़-भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी।
जम्मू-कश्मीर में रेलवे का विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू रेलवे डिवीजन की 742.1 किलोमीटर लंबी नई परियोजना का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना से जम्मू-कश्मीर और इसके आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे स्थानीय लोगों की लंबी समय से चली आ रही आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस रेलवे डिवीजन के बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बुनियादी ढांचे का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए रेलवे परियोजना
प्रधानमंत्री मोदी ने ईस्ट कोस्ट रेलवे के रायगढ़ रेलवे डिवीजन भवन की आधारशिला भी रखी। यह परियोजना ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, जिससे इन राज्यों में यात्री और माल परिवहन की गति तेज होगी। इससे इन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
भारतीय रेलवे के भविष्य का रोडमैप
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे की दिशा को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेन के नए स्लीपर वर्जन का ट्रायल 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफलतापूर्वक चल रहा है, और यह एक सकारात्मक संकेत है कि आने वाले समय में देश में बुलेट ट्रेन का परिचालन भी संभव होगा। उन्होंने कहा, “यह तो बस शुरुआत है, और वह समय दूर नहीं जब देश में पहली बुलेट ट्रेन चलेगी।”
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