नई दिल्ली, 9 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महावीर जयंती से पहले दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नवकार महामंत्र दिवस में भाग लिया और इस अवसर पर अन्य लोगों के साथ “नवकार महामंत्र” का जाप किया। यह आयोजन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव महावीर जयंती की पूर्व संध्या पर हुआ, जो जैन धर्म का एक अत्यधिक प्रतिष्ठित पर्व है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन की शुरुआत करने से पहले सभी से सुबह 8:27 बजे एक साथ ‘नवकार महामंत्र’ का जाप करने की अपील की। यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत के विभिन्न हिस्सों और 108 देशों में इस मंत्र का सामूहिक जाप किया गया, जो शांति, शक्ति और सद्भाव का प्रतीक है।
नए संसद भवन में जैन धर्म का प्रभाव:
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन के निर्माण में जैन धर्म के प्रभाव को भी सराहा। पीएम मोदी ने कहा, “नए संसद भवन में जैन धर्म का प्रभाव साफ़ तौर पर दिखाई दे रहा है। यहां एक तीर्थंकर की मूर्ति और संविधान हॉल की छत पर भगवान महावीर की पेंटिंग है, जो इस भवन में आध्यात्मिकता और धार्मिक विविधता को दर्शाता है।”
इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने बताया कि यह आयोजन जैन धर्म के आध्यात्मिक समृद्धि और मानवता के मूल्य को सम्मान देने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “नवकार महामंत्र सिर्फ एक मंत्र नहीं है, यह हमारे विश्वास का केंद्र है। यह हमारे समाज और जीवन के सभी पहलुओं को एक सकारात्मक दिशा में प्रकट करता है।”
नवकार महामंत्र का महत्व:
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नवकार महामंत्र’ की गहरी आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति की सराहना करते हुए कहा, “यह मंत्र हमें खुद पर विश्वास करने की प्रेरणा देता है। यह हमें बताता है कि असली दुश्मन बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर है—हमारी नकारात्मक सोच, बेईमानी और स्वार्थ। यह मंत्र हमें इन पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, “गुजरात में जन्म लेने के बाद से ही मुझे जैन आचार्यों की संगति का अवसर मिला है। जैन धर्म और इसकी शिक्षाओं ने मेरे जीवन को दिशा दी है।”
वैश्विक स्तर पर बढ़ी भागीदारी:
इस विशेष दिन पर भारत के 6,000 से अधिक स्थानों पर और 108 देशों में लोगों ने एक साथ नवकार महामंत्र का जाप किया। पीएम मोदी ने इस आयोजन को एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए कहा, “आइए हम सब मिलकर नवकार महामंत्र का जाप करें। हर आवाज़ शांति, शक्ति और सद्भाव लाए, और हम सभी में एकजुटता की भावना को बढ़ाएं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस आयोजन ने न केवल जैन धर्म की प्राचीन धरोहर को सम्मानित किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि धार्मिक विविधता और आस्था का आदान-प्रदान दुनिया को शांति और सद्भाव की दिशा में प्रेरित कर सकता है।
नवकार महामंत्र और महावीर जयंती:
महावीर जयंती जैन समुदाय के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जो भगवान महावीर के जीवन और शिक्षाओं का पालन करते हैं। नवकार महामंत्र इस दिन का आध्यात्मिक आधार है, जिसे जैन धर्म के अनुयायी अपने दैनिक जीवन में मानसिक शांति और सकारात्मकता के लिए उच्चारण करते हैं।
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