सिरसा – मनरेगा में बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किये जा चुके गांव कालूआना की सरपंच गीता सहारण के पति और पूर्व सरपंच जगदेव सहारण की रविवार सुबह पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। जिसके बाद पुलिस ने मौत के कुछ ऐसे कारण बताए कि जिन पर यकीन कर आसान नहीं है। दरअसल पुलिस का कहना है कि जगदेव ने चलती जिप्सी से छलांग लगा दी थी, इससे वो जख्मी हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव कालूआना के पूर्व सरपंच जगदेव पर डबवाली पुलिस ने गबन का मामला दर्ज किया गया था। वहीँ जगदेव सिंह के परिजन उसे बेकसूर बता रहे हैं। गौरतलब है कि सदर डबवाली पुलिस ने जगदेव को 13 अक्टूबर को सिरसा से हिरासत में लिया गया था और उसे लेकर डबवाली कोर्ट की ओर जा रहे थे। पुलिस के अनुसार गांव साहुवाला-प्रथम के निकट जगदेव ने भागने की कोशिश में चलती पीसीआर से छलांग लगा दी और गिरने के कारण वह घायल हो गया जिसके बाद उसे अस्पताल में लाया गया। जहां इलाज के दौरान दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीँ जो आरोप इन पर लगे थे उनके तहत सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के आदेश पर 10 जनवरी 2017 को जगदेव के खिलाफ मनरेगा और पंचायती फंड के गबन का मुकदमा दर्ज करवाया था। आरोप था कि 2011 में मनरेगा के तहत सिंचाई के लिए नाला बनवाने के लिए 1, 05,121 रुपए जारी हुए थे लेकिन जगदेव ने नाला नहीं बनवाया। इतना ही नहीं 2014 में मनरेगा के 6 लाख 62 हजार 918 रुपए भी जगदेव के पास हैं।
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