चरखी दादरी, 3 जुलाई 2025 : हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक अहम फैसले में चरखी दादरी निवासी एक शिकायतकर्ता को न्याय दिलाते हुए ₹5,000 का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा विवाह पंजीकरण में हुई अनावश्यक देरी के चलते दिया गया है, जिसकी जिम्मेदारी तहसील कार्यालय के एक अधिकारी पर तय की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आयोग के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 17 दिसंबर 2024 को विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन को अगले ही दिन, यानी 18 दिसंबर को स्वीकृति के लिए चिन्हित कर दिया गया था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से विवाह प्रमाण पत्र लगभग तीन महीने बाद, 10 मार्च 2025 को जारी किया गया।
तहसीलदार ने देरी का कारण आवेदन में लगी फोटो में त्रुटि बताया, जबकि आयोग ने पाया कि प्रमाण पत्र में वही फोटो प्रयुक्त हुई है। इसके अलावा, अधिकारी ने ऑनलाइन प्रणाली से अपरिचित होने का हवाला दिया, जिसे आयोग ने गैर-जिम्मेदाराना और अस्वीकार्य माना।
आयोग ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत कार्रवाई करते हुए यह मुआवजा सीधे संबंधित अधिकारी के जुलाई 2025 के वेतन से काटकर अगस्त में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
