चंडीगढ़,30 अप्रैल। हरियाणा में जल संकट पर सियासत और संघर्ष दोनों चरम पर हैं। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने पंजाब द्वारा पानी में कटौती और केंद्र सरकार की निष्क्रियता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता कर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पार्टी 5 से 7 मई तक हरियाणा के तीनों जोनों में जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन करेगी और केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपेगी।
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बीबीएमबी से हरियाणा का प्रतिनिधि हटाया गया, इसलिए घटा पानी: माजरा
रामपाल माजरा ने आरोप लगाया कि 2022 में केंद्र सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) की संचालन प्रणाली में बदलाव कर हरियाणा के तकनीकी सदस्य का पद समाप्त कर दिया, जो सिंचाई विभाग से जुड़ा होता था।
उन्होंने कहा, “हरियाणा को पहले ही जरूरत से कम पानी मिलता रहा है। अब प्रतिनिधि नहीं होने के कारण प्रदेश के हितों की अनदेखी हो रही है। हरियाणा की नहरों में क्षमता से 25% कम पानी आ रहा है। हमें 36 MAF चाहिए, मिल रहा है सिर्फ 14 MAF।”
पंजाब पर गंभीर आरोप, कांग्रेस पर चुप्पी का तंज
माजरा ने कहा कि पंजाब सरकार दुर्भावनापूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “पंजाब से 1600 क्यूसिक पानी पाकिस्तान जा रहा है, लेकिन हरियाणा को नहीं दिया जा रहा। एसवाईएल मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भी हरियाणा को उसका हक नहीं मिला।”
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा,“मुख्य विपक्षी पार्टी होते हुए भी कांग्रेस ने पानी के इस संकट पर चुप्पी साध रखी है।”
केजरीवाल और भगवंत मान पर दोहरा हमला
इनेलो नेता ने आम आदमी पार्टी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, “केजरीवाल खुद को हरियाणा का लाल कहते हैं, लेकिन उन्होंने एसवाईएल का पानी पंजाब का बताया। अब जब दिल्ली में सत्ता से बाहर हो गए हैं, तो पंजाब में राजनीति करने लगे हैं।”
प्रदर्शन का शेड्यूल: 3 जोनों में होंगे धरने
5 मई: अंबाला ज़ोन
6 मई: हिसार ज़ोन
7 मई: गुरुग्राम ज़ोन
प्रदर्शनों के दौरान केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा और BBMB में हरियाणा का प्रतिनिधित्व बहाल करने की मांग की जाएगी।
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