लोगों के सब्र का बांध जब टूट जाता है तो कुछ इसी तरह के हालात देखने को मिलते है। ये तस्वीरें हिसार के मय्यड गांव से सामने आई हैं। जहां गांव की महिलाआंे ने मटका फोड़ कर प्रदर्शन किया और अपना रोष जाहिर किया। दरअसल इस गांव के लोग बीते कई दिनों से पानी की एक एक बूदं के लिए तरस रहे हैं। लगभग 50 हजार लोगो को पानी ही नही मिल रहा है। पहले तो लोगों को प्रशासन से आश्वासन मिलता रहा। लेकिन जब इनके सब्र का बांध टूट गया तो फिर ग्राामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और इन सबने मिलकर मटका फोड़ कर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले महिलाओं ने हिसार दिल्ली हाईवे रोड पर मटका फोड प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें हफ्ते में दो बार नहरों में पानी दिया जाए और पीने का पानी भी पर्याप्त मात्रा में दिया जाए।
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पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ महिलाये भी अश्निचितकालीन धरने पर बैठ गई है। वही ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर हिसार के डीसी को दो बार, डिप्टी सीएम दुष्यत चैटाला को मांग पत्र सौंप चुके है। लेकिन अभी तक इनकी मांग पूरी नही की गई है। भारतीय किसान संघर्ष समिति युवा प्रधान जोगिद्र ने कहा कि सरकार समय रहते इनकी मांगों को पूरा करे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों को पूरा नहीं किया तो बड़ा आंदोलन भी कर सकते हैं।
किसान संघर्ष समिति के हरियाणा के अध्यक्ष विकास बताया कि पिछले 60 दिनों से नहर व रजबाहे में पानी बिल्कुल भी नहीं आ रहा। जिससे कि पीने के पानी की भी समस्या पैदा हो गई है व खेतों में भी फसल सूखने लग गई है। ग्रामीणों व किसानों में इसे लेकर सरकार के प्रति भारी रोष है और वे नहर रजवाहों में नियमित पानी की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इस समस्या की ओर ध्यान ही नहीं दे रही।
अब इस प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों को उनकी समस्या का हल मिल पाता है या नहीं ये देखने वाली बात होगी।
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