चंडीगढ,13नवम्बर। सुप्रीम कोर्ट ने जहां सोमवार को दिल्ली और आसपास प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली,हरियाणा,पंजाब समेत प्रभावित करने वाले राज्यों को जरूरी कदम उठाने को कहा है और नोटिस भेजे हैं वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुलाकात से पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सवाल किया है कि उन्होंने पराली जलाने से रोकने के लिए अपने क्षेत्र में क्या कदम उठाए है?
अरविंद केजरीवाल ने हाल में पिछले सप्ताह प्रदूषण रोकने के लिए हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की इच्छा जाहिर की थी। केजरीवाल की इस पेशकश पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि वे समस्या का हल खोजने के लिए केजरीवाल से किसी भी समय और स्थान पर मिलने को तैयार है। पंजाब के मुख्यमंत्री केप्टेन अमरिंदर सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि समस्या अन्तरराज्यीय है। इसलिए केन्द्र सरकार को दखल करना चाहिए।
पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा धान के खेतों में पराली जलाए जाने को सर्दी के मौसम में दिल्ली व आसपास फैलने वाले स्मोग के लिए जिम्मेदार बताया जाता है। केजरीवाल को भेजे पत्र में खट्टर ने कहा है कि दिल्ली के आसपास चालीस हजार परिवार चालीस हजार हैक्टेयर क्षेत्र में खेती करते है। इन किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए है? खट्टर ने केजरीवाल को कहा कि यह मैं आपके पिछले आठ नवम्बर के पत्र का जवाब दे रहा हूं। खट्टर ने कहा कि मेरा विश्वास है कि कोई एक सरकार,व्यक्ति या संगठन वायु प्रदूषण की समस्या दूर नहीं कर सकता। सामूहिक प्रयासों के तहत हर एक को अपने हिस्से का काम करना होगा। इन प्रयासों के सही परिणामों के लिए असरदार प्रणाली भी स्थापित करने की जरूरत है। रविन्द्रनाथ टैगोर की कविता के हवाले से खट्टर ने कहा कि ऐसी प्रणाली का आधार मानसिक होता है। जहां शब्द सच की गहराई से निकलते है। खट्टर ने केजरीवाल को कहा कि दुर्भाग्य से आपका पत्र ऐसें किसी मानसिक आधार का संकेत नहीं देता है। पत्र में जो पंजाब व हरियाणा के किसानों की पराली जलाने की मजबूरी का जिक्र किया गया है वह अल्प अवधि के चुनावी हितों से बाहर आने की असमर्थता जाहिर करता है।
खट्टर ने पत्र में कहा कि सेटेलाइट इमेजरी डाटा बताता है कि हरियाणा में वर्ष 2014 के बाद पराली जलाने के मामले में काफी कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा िकवे 13 व 14 नवम्बर को दिल्ली में रहेगे और इस दौरान केजरीवाल अपनी सुविधा के अनुसार बातचीत कर सकेंगे।
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