मोहाली, 21 जुलाई 2025 : पंजाब पुलिस ने राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। सोमवार को मोहाली के फेज़-4 स्थित राज्य साइबर अपराध कार्यालय में प्रदेश का पहला “साइबर कियोस्क” लॉन्च किया गया। इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव के मार्गदर्शन में विशेष डीजीपी (साइबर अपराध) वी. नीरजा ने किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह कियोस्क नागरिकों को एंड्रॉइड व आईओएस मोबाइल डिवाइस, यूएसबी ड्राइव, और बाहरी स्टोरेज डिवाइस में मौजूद मैलवेयर, खतरनाक ऐप्स और असुरक्षित फाइलों की पहचान और सफाई करने की सुविधा देता है। यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क, सुरक्षित और 24×7 उपलब्ध है। प्रत्येक स्कैन में मात्र 2 से 5 मिनट का समय लगता है और डेटा लीक का कोई खतरा नहीं होता।
आम जनता के लिए जनहित पहल
विशेष डीजीपी वी. नीरजा ने इसे एक जनहितकारी तकनीकी पहल बताते हुए कहा कि मोहाली के अलावा यह कियोस्क अब तक लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में भी स्थापित किया गया है। आने वाले समय में इसे अन्य जिलों तक भी विस्तार दिया जाएगा।
उपयोगकर्ता के अनुकूल और सुरक्षित प्रणाली
एसपी साइबर क्राइम, जशनदीप सिंह गिल ने बताया कि कियोस्क डिवाइस के IMEI नंबर, सिम कार्ड डिटेल, इनस्टॉल किए गए ऐप्स और इंटरनल स्टोरेज का गहन स्कैन करता है। उपयोगकर्ता संक्रमित ऐप्स को अनइंस्टॉल कर सकते हैं और हानिकारक फाइलें हटा सकते हैं। स्कैन रिपोर्ट ईमेल या यूएसबी डिवाइस पर प्राप्त की जा सकती है।
तकनीकी सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी
यह कियोस्क राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) द्वारा अरिष्टि इन्फो लैब्स के सहयोग से विकसित किया गया है और ओमेक्स की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत स्थापित किया गया है।
साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.punjabpolice.gov.in पर रिपोर्ट करने को कहा।
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