करनाल। इंडियन कोस्ट गार्ड में को-पायलट के रूप में कार्यरत करनाल की बेटी पैनी चौधरी ने 17 दिन बाद मुंबई में अंतिम सांस ली थी। जिनका आज करनाल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पैनी ने पूरे देश में करनाल का नाम रोशन करने का काम किया है।
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उल्लेखनीय है कि 10 मार्च को रायगढ़ जिले के आसपास दुर्घटना में इंडियन तटरक्षक चेतक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेलीकॉप्टर चार यात्रियों के साथ एक नियमित राउंड पर था, जिसमें जिसमें डिप्टी कमांडेंट बलविंदर सिंह, सहायक कमांडेंट पैनी चौधरी और दो गोताखोर संदीप और बलजीत शामिल थे। इस दुघर्टना में हेलीकाप्टर की सह पायलट, सहायक कमान कैप्टन पैनी चौधरी सिर की चोट की सर्जरी के बाद लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थी।
उन्हें दक्षिण मुंबई के कुलाबा क्षेत्र स्थित नौ सैनिक अस्पताल आईएनएचएस अश्विनी में भर्ती कराया गया था। पैनी की सांसे 27 मार्च को रूक गई थी। वहीं परिजनों को जब पैनी के मौत की खबर मिली तो उनमें कोहराम मच गया। परिजनों ने पैनी चौधरी को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।
निशांत पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर मेजर रणवीर ने बताया की पैनी चौधरी ने अपनी स्कूली शिक्षा हमारे ही निशान पब्लिक स्कूल में ही प्राप्त की उन्होंने बताया के को एक बहुत ही प्यारी बच्ची थी ।उसने बहुत मेहनत की ।कोई भी ऐसी एक्टिविटी नहीं थी जिसमें उसने हिस्सा ना लिया हो । हमेशा ही वह ऊंचाइयों को छूना चाहती थी । स्कूल के बाहर भी अगर कोई कार्यक्रम होता था तो वह अपने दादाजी को साथ लेकर उसमें भी हिस्सा लिया कर दी और कुछ ना कुछ पुरस्कार जीत कर आती थी । पैनी का हमेशा ही आगे बढ़ने का स्वभाव रहा था और वह आगे बढ़ी भी। कोस्ट गार्ड में यह पहली महिला पायलट थी जो कि चुनी गई । हमें इस पर बहुत ही फक्र है जिसने देश की सेवा करते हुए उसने अपनी जान दे दी।
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