
हरियाणा डेस्क:- यमुनानगर, आज से देवी आराधना के पर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान मां के नौ स्वरुपों की पूजा का विधान है। कलश स्थापना शुभ मुहूर्त में करना अति फलदायक होता है। इसलिए श्रद्धालु पूजा के दौरान पूजा की विधी और शुभ मुहूर्त का खास ख्याल रखते हैं। यमुनानगर के विभिन्न मंदिरों में आज चैत्र नवरात्रों के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जा रही हैं, यमुनानगर के ज्वाला मां मंदिर में आज प्रातः से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां भगवती की प्रचंड ज्योति के साथ प्रभात फेरी निकाली, श्रद्धालुओं का मां के प्रति उत्साह देख देखते ही बनता था ।
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मान्यताओं के अनुसार अगर इन नौ दिनों तक मां के दरबार में सच्चे मन से पूजा की जाए, मत्था टेका जाए तो सभी मुराद पूरी होती है। इस बार 22 मार्च से 30 मार्च तक चैत्र नवरात्रि है। इस दौरान घरों में कई लोग अखंड ज्योति जलाते हैं, कलश की स्थापना करते हैं, साथ ही अष्टमी और नवमी को कन्या की पूजा की जाती है । नवरात्रों को लेकर यमुनानगर के विभिन्न मंदिरों को सजाया गया है। यमुनानगर रेलवे स्टेशन के नजदीक श्री देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है। आज नवरात्रि के साथ-साथ नवसंवत की भी शुरुआत है, जिसके चलते श्रद्धालु सुबह सवेरे से ही मंदिरों में पहुंच रहे हैं ,मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं व पुजारी का कहना है कि चैत्र नवरात्रों में ही नवसंवत शुरू होता है इसका विशेष महत्व है इस दिन विधि विधान से पूजा अर्चना करके मां को प्रसन्न करना चाहिए।
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