नई दिल्ली | 10 जून 2025 : दिल्ली में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के माता-पिता के लिए बड़ी खुशखबरी है। हर साल अप्रैल आते ही प्राइवेट स्कूलों की तरफ से की जाने वाली मनमानी फीस वृद्धि पर अब रोक लगने वाली है। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई आठवीं कैबिनेट बैठक में यह अहम बिल पास किया गया। अब यह बिल उपराज्यपाल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बनेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कानून 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
क्या है नया कानून?
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सरकार अध्यादेश के ज़रिए इस विधेयक को लागू करेगी ताकि प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर साल की जाने वाली 10% से 40% तक की मनमानी फीस वृद्धि पर सख्ती से रोक लगाई जा सके। इस कानून का मकसद स्कूलों की वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
हाल ही में LocalCircles द्वारा कराए गए एक सर्वे में सामने आया कि:
-
44% माता-पिता ने बताया कि पिछले तीन सालों में फीस में 50% से 80% तक की बढ़ोतरी हुई है।
-
8% ने कहा कि फीस में 80% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।
-
93% पैरंट्स ने माना कि सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे स्कूलों को मनमानी करने की छूट मिल रही थी।
पैरंट्स को क्यों मिली राहत?
अभिभावकों का कहना है कि फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आवाज़ उठाने पर बच्चों को टारगेट किया जाता है और अभिभावकों की चिंताओं को अनदेखा कर दिया जाता है। इस नए कानून से स्कूलों की जवाबदेही बढ़ेगी और हर बढ़ोतरी का उचित कारण व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
