चंडीगढ,11जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर चाहते हैं कि चंडीगढ,मोहाली और पंचकूला के विकास के लिए ट्राईसिटी विकास प्राधिकरण जैसी कोई एजेंसी गठित की जाए। इस सिलसिले में उन्होंने न केवल केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजा है बल्कि एक दिन पहले ही चंडीगढ में आयोजित एक पैनल चर्चा में पंजाब के मुख्यमंत्री व राज्यपाल की मौजूदगी में इस पेशकश को दोहराया। साथ ही चंडीगढ राजधानी के बतौर पूरी तरह हरियाणा को सौंप देने की मांग भी रखी। लेकिन विकास प्राधिकरण के सुझाव को तो पंजाब के मुख्यमंत्री व राज्यपाल दोनों ने नामंजूर कर दिया जबकि चंडीगढ हरियाणा को ही सौंप देने का प्रस्ताव पंजाब के मुख्यमंत्री को रास नहीं आया।
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इस पैनल चर्चा में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा कि चंडीगढ पर पंजाब का ऐतिहासिक अधिकार है। इसलिए चंडीगढ पंजाब को सौंपा जाना चाहिए। हरियाणा एक नया राज्य है और इसे अपनी राजधानी स्थापित करने के लिए मदद दी जाना चाहिए। लेकिन कैप्टेन अमरिंदर सिंह और राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने नेशनल केपिटल रीजन की तर्ज पर ग्रेटर चंडीगढ मेट्रोपालिटन रीजन बनाने का मनोहर लाल खट्टर का सुझाव खारिज कर दिया।
पंजाब के राज्यपाल चंडीगढ के प्रशासक भी है। उन्होंने कहा कि दोनो राज्यों और केन्द्र शासित चंडीगढ के बीच पहले ही तालमेज बना हुआ है। सलाहकार परिषद में मोहाली व पंचकूला के कुछ और लोगों को शामिल कर इसे और मजबूत किया जा सकता है।
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