वॉशिंगटन । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने एक बड़ा और विवादास्पद फैसला लेते हुए 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके पीछे उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खतरे और अवैध आप्रवासन को मुख्य कारण बताया है।
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ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित हालिया घोषणापत्र के अनुसार अफगानिस्तान, ईरान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिक अब अमेरिका की सरजमीं पर कदम नहीं रख सकेंगे। इसके अलावा बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला जैसे देशों के लोगों के लिए अमेरिका में प्रवेश आंशिक रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा,
“हमारे देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। कुछ देश ऐसे हैं जहां से आतंकवाद या अवैध आप्रवासन का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में यह फैसला हमारी विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी एजेंसियों की सलाह पर लिया गया है।”
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार वीज़ा की अवधि खत्म होने के बावजूद लोग अमेरिका में रुक जाते हैं, जिससे अवैध आप्रवासन की समस्या और बढ़ जाती है। इस पर भी अब विशेष निगरानी रखी जाएगी।
9 जून से लागू होंगे नए नियम
ट्रंप प्रशासन की ओर से यह घोषणा की गई है कि यह प्रतिबंध 9 जून से प्रभावी होगा। इससे पहले भी ट्रंप ने 2017 में कुछ मुस्लिम-बहुल देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया था। अब 2025 में उनके इस नए फैसले को लेकर भी वैश्विक प्रतिक्रिया आने लगी है।
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