जींद। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जींद शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी लड़ियों से आकर्षक तरीके से सजाया गया। मंदिरों की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में कई दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को सुंदर वस्त्रों और आभूषणों से सजाया गया। मंदिर परिसरों में कान्हा के झूले लगाए गए और श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी मनमोहक झांकियां तैयार की गईं। शाम होते ही मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे।
जयंती देवी मंदिर में राधा-कृष्ण की झांकियां बनी आकर्षण
प्राचीन जयंती देवी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की गई। मंदिर परिसर को फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया। यहां राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान श्रीकृष्ण के लिए विशेष झूला भी सजाया गया।
श्रद्धालुओं के लिए चरणामृत और प्रसाद की व्यवस्था की गई। वहीं जन्माष्टमी के बाद छठी के अवसर पर भजन संध्या आयोजित करने की भी तैयारी की गई है।
भूतेश्वर और वनखंड महादेव मंदिर में भी रही रौनक
भूतेश्वर मंदिर में भी जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष सजावट की गई। मंदिर परिसर फूलों और रोशनी से सजाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना और आरती हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
वनखंड महादेव मंदिर में भी फूलों से भव्य सजावट की गई। यहां श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ी झांकियां प्रस्तुत की गईं। भजन-कीर्तन के बीच मंदिरों का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
आधी रात को हुआ कान्हा का जन्म, गूंजे जयकारे
रात 12 बजते ही मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी छा गई। शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगाए। भगवान श्रीकृष्ण की आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस ने प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ गश्त की।
कान्हा और राधा के रूप में मंदिर पहुंचे बच्चे
जन्माष्टमी को लेकर बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला। कई बच्चे कान्हा और राधा के रूप में सजकर मंदिरों में पहुंचे। महिलाओं और परिवारों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि की कामना की।
पूरे जींद शहर में जन्माष्टमी के चलते भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिरों की आकर्षक सजावट, झांकियों और भजन-कीर्तन ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
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