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जासूसी कनेक्शन का खुलासा: ज्योति मल्होत्रा केस में हिसार एसपी ने बताए चौंकाने वाले तथ्य

हिसार | 19 मई 2025:  पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हिसार पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई चौंकाने वाली जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थी और कई बार पाकिस्तान के दौरों पर जा चुकी है। उसका चीन दौरा भी जांच के घेरे में है।

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कौन-कौन सी जानकारियां भेजी गईं?

एसपी के मुताबिक, फिलहाल ज्योति के लैपटॉप और मोबाइल डिवाइसेज की फॉरेंसिक जांच जारी है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि उसने कोई संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को भेजी है। एसपी ने साफ किया कि उसके पास किसी मिलिट्री या डिफेंस इंफॉर्मेशन की डायरेक्ट एक्सेस नहीं थी।

 

सेंट्रल एजेंसी से मिले थे इनपुट

शशांक कुमार ने बताया कि सेंट्रल एजेंसी से इनपुट मिला था कि पाकिस्तान कुछ भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को टारगेट कर रहा है। इसी कड़ी में ज्योति का नाम सामने आया। उसके फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन्स और ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। वह पहलगाम आतंकी हमले से पहले कश्मीर भी गई थी, जिससे शक और गहरा गया है।

 

पाक अधिकारियों के संपर्क में थी

जांच में यह भी सामने आया कि ज्योति पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारियों के टच में थी और उनके आयोजनों में हिस्सा लेती थी। उसका पाकिस्तान दौरा स्पॉन्सर्ड था और उसने वहां हाईप्रोफाइल लोगों से मुलाकातें की थीं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन मुलाकातों का उद्देश्य क्या था।

 

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को चेतावनी

एसपी ने अन्य व्लॉगर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजाने लोगों से संपर्क और देशविरोधी तत्वों से बातचीत भारी पड़ सकती है। यह मामला युवाओं के लिए एक सबक है।

 

अब तक क्या निकला जांच में?

  • ज्योति कई बार पाकिस्तान और चीन जा चुकी है
  • पाकिस्तान हाई कमीशन से जुड़ी रही है
  • पहलगाम हमले से पहले कश्मीर का दौरा किया
  • कुछ हाईप्रोफाइल पाक अधिकारियों से मुलाकातें की
  • अभी तक कोई डायरेक्ट मिलिट्री डेटा शेयरिंग का सबूत नहीं
  • सेंट्रल एजेंसियों की निगरानी में थी काफी समय से
  • इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की फॉरेंसिक जांच जारी

 

क्या है आगे की रणनीति?

पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर इस केस में हर एंगल की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ज्योति अकेले काम कर रही थी या किसी नेटवर्क का हिस्सा थी। 2-3 दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई गई है।

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