यमुनानगर, 3 अगस्त(वीणा अरोड़ा): यमुनानगर के कोर्ट परिसर से आज एक नई पहल की शुरुआत की गई ,जिसमें भीख को लेकर उठे मुद्दों पर ‘भीख नही सीख’ का स्लोगन देकर एक गाड़ी को उन जगाहों के लिए रवाना किया गया जहाँ अक्सर छोटे छोटे बच्चे भीख मांगे देखे जाते हैं। इस गाडी के तहत जो बच्चे मंदिरों व सड़कों पर भीख मांगते है उन बच्चों का रेसक्यु कर उन्हें पुलिस के हवाले किया जाएगा। इस कार्यवाही से इस बात का भी पता चलेगा कि कहीं बच्चों से कोई भीख मंगवाने का काम तो नही कर रहा।
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इस पहल शुरू होते ही एक टीम मंदिरों के आगे पहुंची और शुरूवात में ही साई मंदिर से दो बच्चों का रेसक्यु कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस इनके मां बाप का इंतजार करने के बाद अगर वह नही आते तो बच्चों का मेडिकल करवाने के बाद उन्हें बालकुजं भेजने की बात कही है।
बता दें, इस टीम को सीजीएम ने हरिझंडी दी थी और आज से यह शुरूवात भी हो गई है। इस टीम में बाल सारक्षण अधिकारी व पुलिस के अधिकारियों के साथ साथ सीजीएम शामिल थे, जिनकी इस पहल से ही सड़कों पर दिखने वाले भिखारियों में भी आज कमी देखने को मिली है और ऐसे में इनका लक्ष्य भी यही है कि भीख न मांग कर कुछ सीखा जाए और जो बच्चे का यह टीम रेसक्यु करेगी। अगर उनके परिवार का कोई सदस्य नही आता तो वह उसे बालकुंज में रखकर उसे पढ़ाने का काम भी करेंगे।
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