गुरुग्राम, 17 अक्तूबर(सतीश कुमार राघव): प्रदेश में 22 साल बाद छात्र संघ के अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव हो रहे हैं, जहां एक तरफ कड़ी सुरक्षा के बीच इन चुनावों को करवाया जा रहा है तो वहीं विपक्षी छात्र संगठन अनोखे तरीके से ही इन चुनावों का विरोध कर रहा है।आपको बता दें 22 साल बाद हरियाणा की धरती पर सरकार ने अप्रत्यक्ष रुप से छात्र संघ चुनाव कराने का ऐलान किया था लेकिन सरकार के इस ऐलान के बाद ही ABVP को छोड़कर तमाम छात्र सगठनों ने इसका लगातार विरोध किया और प्रत्यक्ष रूप से चुनाव करवाने की मांग की लेकिन आज प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं।इन चुनावों का विरोध विपक्ष छात्र संगठनों ने पहले ही करने का ऐलान कर दिया था लेकिन आज गुरुग्राम में अनोखे तरीके से छात्र संगठनों ने अपना विरोध जताया,जहाँ इनसो और एनएसयूआई के छात्रों ने वोट तो किया लेकिन वोटिंग वाली पर्ची पर हरियाणा सरकार मुर्दाबाद और प्रत्यक्ष रूप से चुनाव कराने की मांग की पर्ची डिब्बे में डाली और छात्र संगठन चुनाव का बहिष्कार किया।
चुनाव विरोध इस अनोखा तरीका ने सरकार को एहसास कराया कि तमाम विपक्षी छात्र संगठन एक है और सरकार के इस अप्रत्यक्ष चुनाव का विरोध कर रहे हैं।
बहरहाल अब देखना यह होगा कि छात्र संगठन चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार बाजी मारते हैं या फिर बीजेपी समर्थित छात्र संगठन एबीवीपी जीतता है।
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