चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!करीब 2 हजार प्रदर्शनकारी जुटे
मोहाली में सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के करीब 2 हजार प्रदर्शनकारी जुटे। प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ स्थित लोकभवन की ओर मार्च करने का ऐलान किया था।
दोपहर करीब 12:30 बजे मोहाली से चंडीगढ़ की तरफ कूच करने की तैयारी की गई। प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब और चंडीगढ़ को जोड़ने वाली सड़कों पर पुलिस की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी गई।
मोहाली बैरियर पर भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की तरफ जाने से रोकने के लिए मोहाली बैरियर पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके साथ ही कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई।
जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग किया जा सकता है।
पुलिसकर्मियों को पहनाई गई विशेष सुरक्षा पोशाक
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने भी विशेष तैयारी की है। पुलिस के कुछ जवानों को धातु से बनी जालीदार सुरक्षा पोशाक पहनाई गई है, ताकि उन्हें धारदार हथियारों से बचाया जा सके।
प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग?
कौमी इंसाफ मोर्चा की मुख्य मांग लंबे समय से जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई है। प्रदर्शनकारियों की ओर से कुछ कैदियों को पैरोल देने की मांग भी की जा रही है।
जगतार सिंह हवारा के पिता बापू गुरचरण सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है। उनके मुताबिक, मोर्चा लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्होंने कभी बैरिकेड नहीं तोड़े और वे पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सरकार से सिख कैदियों की रिहाई को लेकर जल्द फैसला लेने की मांग की।
बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल की मांग
बापू गुरचरण सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से एक कैदी के लिए 10 दिन की पैरोल की मांग भी की जा रही है। उनका कहना है कि संबंधित कैदी की मां लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं और बिस्तर पर हैं, इसलिए उन्हें मां से मिलने के लिए पैरोल दी जानी चाहिए।
फिलहाल तनावपूर्ण स्थिति
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ की ओर जाने से रोका जा रहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति नियंत्रण में रहे और पंजाब-चंडीगढ़ के बीच यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
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