नेशनल डेस्क: देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का संक्रमण अब कम होता दिखाई दे रहा है। वहीं इसकी रफ्तार भी अब धीमी पड़ गई है लेकिन अभी भी कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका एक्सर्पटस द्वारा जताई जा रही है। एक्सपर्टस की मानें तो, कोरोना वायरस की तीसरी लहर बच्चों के लिए बेदह खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे हालातों में सरकार ने इस संर्दभ में काम करना शुरु कर दिया है। बताया जा रहा है कि, मंगलवार यानी की 15 जून को एम्स दिल्ली में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल 6 से 12 साल के बच्चों पर शुरु किया जाएगा। इस आयु वर्ग के बाद 2 से 6 साल के बच्चों पर वैक्सीनेशन का ट्रायल होगा और इसी के साथ स्क्रीनिंग भी शुरु होगी।
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सरकार की ओर से दी गई ये जानकारी
सरकार के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार , एम्स दिल्ली में 6 से 12 और उसके बाद 2 से 6 साल के बच्चों के लिए क्लिनिकल परिक्षण के लिए भर्ती शुरु होगी और बच्चों पर वैक्सीनेशन का ट्रायल किया जाएगा। सरकार द्वारा 12 से 18 आयु वर्ग के बच्चों का ट्रायल शनिवार को पूरा किया जा चुका है। इस आयु वर्ग के बच्चों को कोवैक्सीन की ड़ोज दी गई थी। बता दें, जिन बच्चों को अभी तक वैक्सीन दी गई है वह बच्चे सवस्थ है और ड़ॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों पर निगरानी बनाए हुए है।

12 मई को दी गई थी बच्चों पर कोवैक्सीन का परिक्षण की मंजूरी
मिली जानकरी के अनुसार, भारतीय दवा नियामक ने 2 साल से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन का परिक्षण करने की मंजूरी 12 मई को दी थी। इससे पहले पटना एम्ज में यह पता लगाने के लिए परिक्षण शुरु किया जा चुका है कि भारत बायोटेक का टीकाकरण बच्चों के लिए सुरक्षित है या नहीं।
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