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ऑपरेशन सिंदूर: “भय बिनु होइ न प्रीति” – वायु सेना प्रमुख ने दिया पाकिस्तान को दो टूक संदेश

नई दिल्ली, 12 मई : भारतीय वायु सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत एक बार फिर साबित कर दिया कि देश की सुरक्षा में सेंध लगाना अब दुश्मनों के लिए नामुमकिन है। भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) एयर मार्शल ए.के. भारती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन से जुड़ी कई अहम जानकारियों का खुलासा किया और पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी – “भय बिनु होइ न प्रीति।”

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पाकिस्तान के हमले नाकाम, मिसाइलें ध्वस्त

एयर मार्शल भारती ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा भारत पर किए गए हमलों को पूरी तरह नाकाम किया गया है। पाकिस्तान ने चीन निर्मित PL-15E और तुर्की की “यिहा” मिसाइलों के जरिए भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।

 

‘आकाश’ प्रणाली की सफलता

भारती ने स्वदेशी ‘आकाश’ एयर डिफेंस सिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रणाली 25-30 किमी की दूरी पर दुश्मन के विमानों और ड्रोन्स को नष्ट करने में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर में ‘आकाश’ ने अपनी ताकत का पूरी तरह से प्रदर्शन किया है।

 

पाकिस्तान को मिली खुली चेतावनी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में एयर मार्शल भारती ने काव्यात्मक अंदाज़ में पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने रामचरितमानस की प्रसिद्ध चौपाई:

 

“विनय न मानत जलधि जड़, गए तीनि दिन बीती,

बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति”

 

का उल्लेख करते हुए कहा कि “भारत शांति चाहता है, लेकिन कायरता नहीं दिखाएगा। अगर दुश्मन हमला करेगा, तो करारा जवाब मिलेगा।”

 

साथ ही उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता से भी पाकिस्तान को चेतावनी दी –

“जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।”

 

ऑपरेशन सिंदूर: एक संदेश, एक संकल्प

यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक संदेश भी है – कि भारत अब आतंकवाद और उसके समर्थन में खड़े देशों को खुली चुनौती देने से पीछे नहीं हटेगा। ऑपरेशन सिंदूर ने साफ कर दिया है कि भारत न सिर्फ़ तकनीकी रूप से सक्षम है, बल्कि मानसिक रूप से भी युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।

 

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