Wednesday , 30 September 2026
अंबाला धुलकोट इमारत हादसा
अंबाला धुलकोट इमारत हादसा

अंबाला धुलकोट इमारत हादसा: पीड़ित परिवारों से मिले असीम गोयल, लापरवाही पर कार्रवाई का भरोसा|

अंबाला: अंबाला शहर के धुलकोट क्षेत्र में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने का सिलसिला जारी है। हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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आपके दिए विवरण के अनुसार, हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री असीम गोयल अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचे और हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों तथा घायलों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और घायलों के इलाज की जानकारी ली।

घायलों के इलाज में लापरवाही न बरतने के निर्देश

असीम गोयल ने अस्पताल प्रशासन से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हादसे के पीछे अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है।

हादसे में 6 मजदूरों की मौत

धुलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत उस समय ढह गई थी, जब तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। शुरुआती रिपोर्टों में चार मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में मलबे से दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 6 हो गई।

हादसे के बाद NDRF, SDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड और जिला प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी थीं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायलों को अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया।

FIR दर्ज, SIT से होगी जांच

हादसे को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, बिल्डर, भवन मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए Special Investigation Team (SIT) गठित की गई है, जो इमारत गिरने के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच करेगी।

पुलिस और प्रशासन निर्माण की वैधता, सुरक्षा इंतजामों और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच में अगर किसी तरह की अनधिकृत निर्माण गतिविधि या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता

हादसे के बाद सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। वहीं, घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

धुलकोट हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब SIT की जांच के बाद ही हादसे के पीछे की पूरी वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

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