Tuesday , 11 August 2026
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल टली, अनिल विज के आश्वासन के बाद बनी सहमति

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल टली, अनिल विज के आश्वासन के बाद बनी सहमति

चंडीगढ़: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल टल गई है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक के बाद बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की संयुक्त एक्शन कमेटी ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया। बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों और बिजली क्षेत्र से जुड़े नीतिगत मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।

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अनिल विज की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

ऊर्जा मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, एसोसिएशनों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा बिजली निगमों के प्रबंध निदेशक और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान कर्मचारियों की मांगों को लेकर बिंदुवार चर्चा की गई। बातचीत के बाद संयुक्त एक्शन कमेटी ने आंदोलन का रास्ता फिलहाल छोड़ते हुए प्रस्तावित हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।

बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एचवीपीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इन तीन मुद्दों को लेकर था कर्मचारियों में रोष

बिजली कर्मचारी संगठनों की ओर से मुख्य रूप से तीन मुद्दों को लेकर विरोध जताया जा रहा था। इनमें एग्री डिस्कॉम का गठन, समानांतर निजी बिजली कंपनी को लाइसेंस देने और स्मार्ट मीटर लगाए जाने का मुद्दा शामिल था।

संयुक्त एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों के मुताबिक ऊर्जा मंत्री की ओर से इन मुद्दों पर दिए गए आश्वासन के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी चिंताओं पर सरकार के स्तर पर बातचीत और समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा मिला है।

समानांतर बिजली कंपनी के लाइसेंस पर अनिल विज का बड़ा बयान

बैठक के दौरान गुरुग्राम-नूंह क्षेत्र में समानांतर बिजली लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इस पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने विभाग का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ऊर्जा विभाग शुरू से ही इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं रहा है।

विज के अनुसार, इस मामले में विभाग की ओर से जो आपत्ति दर्ज कराई गई थी, उसकी फाइल को उनके स्तर से भी मंजूरी दी गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त संस्था है और समानांतर लाइसेंस के लिए आवेदन आयोग के समक्ष किया गया है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया में ऊर्जा विभाग की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो विभाग इस मामले में आगे अपील का विकल्प अपना सकता है, क्योंकि सरकार का संबंधित विभाग इस प्रस्ताव का विरोध कर चुका है।

कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में एएचपीसी वर्कर्स यूनियन हिसार के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा, हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बिजेंद्र बराड़, यशपाल देशपाल, राजेंद्र राणा और रविंद्र धनखड़ समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा एचएसईवी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु धनखड़, महासचिव विपिन भारद्वाज सहित कृष्णपाल, प्रदीप कुमार, विकास, पंकज कुमार और अमन कुमार समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में अपनी बात रखी।

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