चंडीगढ़, 19 जून – हरियाणा की महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी दोहरी जिम्मेदारी निभाते हुए एक्शन मोड में नजर आईं। एक ओर जहां उन्होंने बाल संरक्षण और प्ले स्कूल प्रबंधन के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए, वहीं दूसरी ओर मानसून से पहले बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की जिलेवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!श्रुति चौधरी ने चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदेश के शिशुगृहों, पर्यवेक्षण गृहों और निरीक्षण गृहों का नियमित दौरा करें और वहां दी जा रही सेवाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर उन्होंने दो प्रमुख पोर्टल भी लॉन्च किए:
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बाल संरक्षण पोर्टल – मिशन वात्सल्य के तहत, यह पोर्टल बाल सुधार गृहों में रह रहे बच्चों की निगरानी, एफआईआर, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की कार्रवाई और पुनर्वास योजना को ट्रैक करेगा।
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एमआईएस प्रणाली पोर्टल (प्ले स्कूल व क्रैच) – इससे 4000 से अधिक प्ले स्कूलों और 450+ शिशुगृहों में हो रही गतिविधियों, बच्चों की हाजिरी, शिक्षण प्रबंधन, भोजन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं डिजिटली ट्रैक होंगी।
इसी दिन श्रुति चौधरी ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की भी बैठक ली और आगामी मानसून को देखते हुए जिलेवार बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अगर मानसून के दौरान किसी शहर में जलभराव पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि ड्रेन सफाई, मोटर और पंप की खरीद, पाइपलाइन बिछाने जैसे कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरे किए जाएं।
श्रुति चौधरी की सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में महिला-बाल कल्याण और बाढ़ नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है।
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