जींद: उचाना हलके के गांव सफाखेड़ी में गर्भ में बच्चे के लिंग की जांच किए जाने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग कैथल की टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मौके से एक महिला को पकड़ा है, जबकि रमेश नाम का व्यक्ति कार्रवाई के दौरान फरार हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से कुछ दवाएं भी बरामद की हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डिकॉय गर्भवती महिला के जरिए हुई कार्रवाई
एनडीटीटी नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय कैथल को सफाखेड़ी गांव में लिंग जांच किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर एक टीम गठित की गई।
कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय के तौर पर तैयार किया। डिकॉय के बयान के मुताबिक, अल्ट्रासाउंड के दौरान उसके पेट पर मशीन लगाकर गर्भ की जांच की गई और गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी गई।
लिंग जांच के लिए मांगे गए 95 हजार रुपये
डिकॉय महिला के अनुसार, गर्भ में बच्चे के लिंग की जांच के लिए उससे 95 हजार रुपये मांगे गए थे। इसमें से 35 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे, जबकि जांच के बाद 60 हजार रुपये और देने की बात कही गई थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो रमेश नाम का व्यक्ति वहां से फरार हो चुका था। मौके पर एक महिला मिली, जिस पर डिकॉय के अनुसार अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप है। महिला पंजाब की रहने वाली बताई गई है।
महिला के MPHW कोर्स करने की जानकारी
नोडल अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में महिला के MPHW कोर्स किए जाने और निजी स्तर पर काम करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस स्थान पर पहले कितनी महिलाओं की लिंग जांच की गई और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इस कथित लिंग जांच के नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
मौके से दवाएं बरामद
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान मौके से कुछ दवाएं भी बरामद की हैं। इन दवाओं को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। टीम अब बरामद सामग्री और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र ने कहा कि गर्भ में बच्चे के लिंग की जांच करना कानूनन अपराध है। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने और अवैध लिंग जांच करने वाले लोगों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
सरकार की ओर से ऐसे मामलों की सूचना देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख रुपये तक के इनाम का प्रावधान भी बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस तरह की सूचना मिलने पर कार्रवाई कर लिंग जांच करने वाले कथित रैकेट का पर्दाफाश किया जाता है।
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