चंडीगढ़, 1 सितंबर: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कदम उठा रही है और 12 मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। वहीं, जो मामले न्यायालय में लंबित हैं, उन पर अदालत के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री ने यह जवाब विधायक विकास सहारण की ओर से सफाई कर्मचारियों से संबंधित पूछे गए सवाल के दौरान सदन में दिया।
सरकार बोली- 12 मांगों पर हो चुका है फैसला
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है। उनके मुताबिक 12 मांगें मानी जा चुकी हैं, जबकि न्यायालय में विचाराधीन मामलों में सरकार अपनी तरफ से तत्काल अंतिम निर्णय नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि अदालत से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, राज्य सरकार उनके अनुरूप कार्रवाई करेगी।
विपक्ष के सवाल उठाने के अधिकार को CM ने माना
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को विधानसभा में किसी भी मुद्दे को उठाने का पूरा अधिकार है। विपक्ष अपनी बात सदन में रख सकता है और सरकार संबंधित विषय पर जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी समस्याएं पहले भी सामने आती रही हैं और पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी इस तरह के मामले मौजूद थे।
उनके मुताबिक मौजूदा सरकार समस्याओं से बचने के बजाय उनका समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।
सदन में मोबाइल पर बातचीत को लेकर भी उठाया मुद्दा
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक कांग्रेस विधायक द्वारा मोबाइल फोन पर सफाई कर्मचारी से बातचीत किए जाने का मुद्दा भी सामने आया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के भीतर मोबाइल फोन पर बातचीत करना विधानसभा के नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य को फोन पर बातचीत करनी है तो वह सदन से बाहर जाकर ऐसा कर सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से सदन की कार्यवाही और उसकी मर्यादा का पालन करने की अपील की।
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