फरीदाबाद/चंडीगढ़, 14 सितंबर। हरियाणा के राज्यपाल एवं जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसी तकनीकों के तेजी से बढ़ते दौर में युवाओं को वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार को अपनी ताकत बनाना चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राज्यपाल सोमवार को जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के छठे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी की भी इसमें अहम भागीदारी होनी चाहिए।
आचार्य जे.सी. बोस की वैज्ञानिक सोच से सीखने की जरूरत
राज्यपाल ने स्नातक विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक आचार्य जगदीश चंद्र बोस की विरासत से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बोस की वैज्ञानिक जिज्ञासा, प्रयोग करने की प्रवृत्ति और नई चीजों को खोजने की सोच आज की तकनीकी दुनिया में भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विश्वविद्यालय से उद्योग, शोध संस्थानों और समाज के बीच मजबूत तालमेल विकसित करने की अपेक्षा जताई, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर काम करने के अवसर मिल सकें।
R&D के लिए 25 लाख रुपये की सहायता की घोषणा
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में अनुसंधान और विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने विवेकाधीन कोष से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इस राशि का एक हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सहायता के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई। राज्यपाल ने उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए सहायता व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
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