नई दिल्ली ,31 सितंबर 2025: 2008 के मालेगांव बम धमाके मामले में एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बड़ी सुनवाई के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पहला प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है और जो भी दोषी हैं, ईश्वर उन्हें सजा देगा।”
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मालेगांव बम धमाका और जांच का लंबा सफर
29 सितंबर 2008 को रमजान के महीने में महाराष्ट्र के मालेगांव में भीकू चौक पर हुए इस भीषण बम धमाके में छह लोगों की जान चली गई थी और 101 लोग घायल हुए थे। इस मामले में कई लोगों पर आरोप लगे थे, जिनमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित, मेजर (रिटायर्ड) रमेश उपाध्याय समेत अन्य प्रमुख आरोपी थे।
एनआईए की विशेष अदालत ने लंबे समय तक चले केस के बाद सभी आरोपियों को बरी करते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने यह मानते हुए फैसले में कहा कि विस्फोट हुआ था लेकिन आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले।
साध्वी प्रज्ञा का दर्द और लड़ाई
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, “मैंने शुरू से कहा था कि जांच के लिए बुलाने का आधार होना चाहिए। मुझे जबरन गिरफ्तार किया गया और प्रताड़ित किया गया। मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे फंसाया गया।”
साध्वी प्रज्ञा ने इस पूरे मामले को हिंदुत्व और भगवा को बदनाम करने का षड्यंत्र करार दिया और अपने समर्थकों को आभार जताया।
पीड़ित परिवारों का विरोध और अपील
मालेगांव बम धमाके के पीड़ित परिवारों के वकील एडवोकेट शाहिद नदीम ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अदालत ने विस्फोट की पुष्टि की है और दोषियों को बरी करना न्याय के खिलाफ है।
हिंदुत्व राजनीति में साध्वी प्रज्ञा का महत्व
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर हिंदुत्व की राजनीति में एक बड़ा चेहरा हैं और उनकी इस बरी होने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “मैं जीवित हूं क्योंकि मैं एक संन्यासी हूं और सच की लड़ाई लड़ती रही हूं। आज भगवा और हिंदुत्व की जीत हुई है।”
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
