Thursday , 3 September 2026
कानून मंत्री गौरव गौतम

ब्राह्मण समाज पर कथित टिप्पणी को लेकर गौरव गौतम का कांग्रेस पर हमला, बोले- समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं!

पलवल। विधानसभा सत्र के दौरान ब्राह्मण समाज को लेकर कांग्रेस विधायक की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर हरियाणा के खेल एवं कानून मंत्री गौरव गौतम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस समय सदन में ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उस दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी सदन में मौजूद थे। इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से तत्काल इसका विरोध नहीं किया गया।

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गौरव गौतम ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने लंबे समय तक कांग्रेस का समर्थन किया और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को 10 साल तक हरियाणा का मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

‘समाज का अपमान कर राजनीति नहीं की जा सकती’

खेल मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपनी राजनीतिक भाषा और सोच पर आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करके राजनीति नहीं की जा सकती। हरियाणा की सामाजिक एकता को कमजोर करने वाली किसी भी टिप्पणी को जनता स्वीकार नहीं करेगी।

गौरव गौतम ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि दिल्ली में राजनीतिक स्क्रिप्ट तैयार होने के बाद कांग्रेस के अलग-अलग नेता समाज के विभिन्न वर्गों को लेकर बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा अनेक जातियों और समुदायों की सामाजिक एकता से मजबूत प्रदेश बना है और राजनीतिक लाभ के लिए किसी समाज को निशाना बनाना प्रदेश की संस्कृति के अनुरूप नहीं है।

कांग्रेस से स्पष्टीकरण और माफी की मांग

गौरव गौतम ने कांग्रेस नेताओं से सार्वजनिक रूप से टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने और यदि किसी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो माफी मांगने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ‘सबका सम्मान, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

खेल मंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और जनप्रतिनिधियों से वहां मर्यादित भाषा और आचरण की अपेक्षा की जाती है। किसी भी समाज के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल विधानसभा की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

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