वॉशिंगटन/नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के प्रमुख आरोपी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी भारत की जांच एजेंसियों – प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) – द्वारा दायर प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर 4 जुलाई को हुई। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ी कानूनी सफलता बताया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!PNB घोटाले में निभाई थी बड़ी भूमिका
जांच एजेंसियों का कहना है कि नेहल मोदी ने नीरव मोदी को बहु-करोड़ के पीएनबी घोटाले को अंजाम देने में मदद की थी। वह न केवल अवैध रूप से धन के हस्तांतरण में शामिल था, बल्कि सबूतों को मिटाने में भी उसकी भूमिका सामने आई है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), धारा 201 (सबूत मिटाना) और मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू
अब अमेरिका की अदालत में नेहल मोदी के प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। 17 जुलाई को इस मामले की अगली सुनवाई तय की गई है, जहां नेहल मोदी जमानत की मांग कर सकता है। भारतीय एजेंसियां जमानत का विरोध करेंगी और अदालत से उसे भारत भेजे जाने की अपील करेंगी।
भारत की कानूनी कूटनीति को मिली मजबूती
नीरव मोदी पहले ही यूके की जेल में बंद है और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है। नेहल मोदी की गिरफ्तारी से भारत की अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रयासों को एक नई ताकत मिली है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे भारत के प्रत्यर्पण मामलों में दबदबा बढ़ेगा और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।
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