चंडीगढ़,10 जनवरी। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को 68 नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) टीचरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर कटारिया ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शिक्षा में गुणवत्ता सुधार पर जोर
राज्यपाल और प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने की आवश्यकता है और सरकारी स्कूलों के परिणाम प्राइवेट स्कूलों के बराबर होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीचरों के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाना चाहिए, जिससे बच्चों में समानता की भावना आए और स्कूलों में अनुशासन बना रहे। कटारिया ने यह भी बताया कि कुल 1000 टीचरों की भर्ती जल्द ही पूरी की जाएगी, जिससे चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा।
भेदभाव मुक्त शिक्षा प्रणाली
कटारिया ने यह भी कहा कि प्री प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाने का कार्य विशेष महत्व रखता है, क्योंकि एक शिक्षक ही उस बच्चे का भविष्य तय कर सकता है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई कि शिक्षा में कोई भेदभाव न हो, और इस उद्देश्य को लेकर चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने आगामी समय में और टीचरों की भर्ती करने की योजना बनाई है।
इस मौके पर, कटारिया ने सभी नए नियुक्त शिक्षक से अपील की कि वे बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएं और उनके लिए एक प्रेरणा बनें।
68 नवनियुक्त टीचरों में 66 महिलाएं, 2 पुरुष
यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम विशेष रूप से महिलाओं के लिए उत्साहजनक था, क्योंकि 68 नवनियुक्त टीचरों में से 66 महिलाएं थीं और केवल 2 पुरुष थे। यह भर्ती प्रक्रिया एक साल के भीतर पूरी की गई, जो चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के सुधारात्मक कदमों का संकेत देती है।
कटारिया ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए यह भर्ती एक महत्वपूर्ण कदम है, और यह चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग को और मजबूत करेगा।
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