गुरुग्राम (हरियाणा):
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश के बाद एक बार फिर जलभराव की स्थिति ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। ‘मिलेनियम सिटी’ और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का दम भरने वाले गुरुग्राम के कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे आमजन को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
सेक्टर-47 में हालात बेकाबू, पानी में फंसीं स्कूल बसें गुरुग्राम के सेक्टर-47 स्थित रेल विहार में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के चलते सड़कों पर जलभराव इतना बढ़ गया कि स्कूली बच्चों को ले जा रही कई बसें आधी पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण कुछ बसें बीच सड़क पर बंद हो गईं, जिसके चलते स्कूली बच्चों, चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुलिस स्टेशन और गाड़ियां जलभराव की चपेट में पानी की निकासी सही ढंग से न होने के कारण जलभराव का असर सरकारी इमारतों तक पहुंच गया। सेक्टर-47 स्थित पुलिस स्टेशन परिसर में भी भारी मात्रा में पानी भर गया। थाने के बाहर और परिसर के अंदर खड़ी एक इनोवा (Innova) गाड़ी सहित कई अन्य वाहन पानी में डूबे और फंसे नजर आए। सड़क से लेकर थाने तक चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा था।
ड्रैनेज सिस्टम पर खड़े हुए गंभीर सवाल करोड़ों रुपये के विकास और आधुनिक सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह हादसा गुरुग्राम के ड्रैनेज सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार थोड़ी सी भारी बारिश में ही शहर की सड़कें तालाब बन जाती हैं, जिससे पूरा यातायात ठप हो जाता है।
प्रशासन के सामने स्थायी समाधान की चुनौती बारिश के बाद पैदा हुए इन हालातों ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की हवा निकाल दी है। अब प्रशासन के सामने जलभराव से तुरंत राहत दिलाने के साथ-साथ शहर के ड्रेनेज सिस्टम का स्थायी समाधान खोजने की बड़ी चुनौती है। देखना होगा कि प्रशासन इस पुरानी समस्या से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
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