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हिमाचल बस विवाद पर अनिल विज का बड़ा बयान – “देश के फेडरल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की साजिश”

चंडीगढ़, 23 मार्च – हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने अमृतसर में हिमाचल प्रदेश की बसों पर हुए हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “ये ठीक काम नहीं हो रहा। देश के फेडरल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।”

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“ये देश हम सभी का है” – विज

अनिल विज ने कहा, “ये सारा देश हमारा है और इस देश के जर्रे-जर्रे पर हर हिंदुस्तानी का अधिकार है। यह भावना ही नहीं आनी चाहिए कि यह पंजाब का है, यह हिमाचल का है – सब हमारा है।” उन्होंने इसे शांति भंग करने की साजिश करार देते हुए कहा कि “कुछ लोग देश की शांति को नुकसान पहुंचाने के लिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।”

‘डिलीवरी होती है, तभी प्रचार होता है’ – कांग्रेस पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘मेक इन इंडिया सिर्फ प्रचार है’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए विज ने कहा, “बिना डिलीवरी के प्रचार करना तो कांग्रेस को आता था। उन्होंने 50 साल तक देश को गुमराह किया है। मोदी सरकार ने जो करके दिखाया है, उसे जनता तक पहुंचाना हमारा हक है।”

‘राम और कृष्ण हमारे आदर्श’ – विज

सपा सांसद रामजी लाल सुमन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा, “विपक्ष लगातार आक्रांताओं को सही साबित करने की कोशिश करता है। इन्हें महाराणा प्रताप और शिवाजी नजर नहीं आते। हमारे असली आदर्श राम, कृष्ण और ऋषि-मुनि हैं, जिन्होंने इस धरती और मानव जाति को ज्ञान दिया।”

‘कांग्रेस सरकार आते ही खजाने खाली क्यों हो जाते हैं?’

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ‘राज्य का खजाना खाली है’ वाले बयान पर विज ने कटाक्ष किया, “पहले भी तो हिमाचल में तनखाएं दी जाती थीं, फिर अब कांग्रेस सरकार आते ही खजाना खाली क्यों हो गया?” उन्होंने कहा कि “कांग्रेस खजानों को उड़ाने में माहिर है, इसीलिए ऐसी स्थिति पैदा हो रही है।”

क्या है हिमाचल बस विवाद?

हाल ही में अमृतसर में हिमाचल की कुछ बसों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं। इसे लेकर हिमाचल और पंजाब के बीच तनाव बढ़ गया है। हिमाचल सरकार ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा है।

विज का सख्त संदेश

अनिल विज के बयान से साफ है कि हरियाणा सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसे देश के संघीय ढांचे पर हमला बता रही है। अब देखना होगा कि इस मामले पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

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