चंडीगढ़: हरियाणा में नए जिलों के गठन को लेकर आज एक अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने की। इस बैठक में नए जिलों के गठन और तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक के बाद क्या फैसले लिए गए?
मंत्री कृष्णलाल पंवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट की सब-कमेटी ने यमुनानगर, सिरसा, झज्जर जिलों के गांवों को तहसीलों में शामिल करने को लेकर सिफारिशें की हैं।
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यमुनानगर जिले के चाहड़वाला गांव को उप तहसील सरस्वती नगर से तहसील बिलासपुर में स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है।
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यमुनानगर के रुपौली गांव को तहसील रादौर से उप तहसील सरस्वती नगर में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है।
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सिरसा जिले के मलिकपुर किंगरे, नौरंग, बनवाला, मिठड़ी गांव को तहसील कालांवाली से तहसील डबवाली में जोड़ने का फैसला लिया गया है।
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झज्जर जिले के बिल्लौचपुरा, भिंडवास, शाहजहांपुर गांव को मातनहेल तहसील से झज्जर तहसील में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
नए जिलों के गठन को लेकर क्या है स्थिति?
नए जिलों के गठन के बारे में मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि कुछ जिलों के गठन को लेकर अभी कुछ आपत्तियां सामने आई हैं। इन आपत्तियों को दूर करने के बाद ही नए जिलों का अंतिम फैसला होगा। गोहाना, हांसी, डबवाली, मानेसर जैसे स्थानों के नाम नए जिलों के रूप में विचाराधीन हैं। आगामी 30 जून तक और बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां इस मुद्दे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हरियाणा में कुल कितने जिले हैं?
वर्तमान में हरियाणा में कुल 22 जिले हैं। लेकिन राज्य सरकार सोनीपत के गोहाना, हिसार के हांसी, सिरसा के डबवाली, गुरुग्राम के मानेसर, करनाल के असंध और जींद के सफीदों को नए जिले बनाने की योजना पर काम कर रही है। अब तक इस विषय पर पांच सब-कमेटी बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें जिलों से प्राप्त मांगों और आपत्तियों पर चर्चा की गई है।
हरियाणा के नए जिलों का गठन: जानिए क्या होगा बदलाव?
नए जिलों के बनने से प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे क्षेत्रीय विकास की रफ्तार तेज होगी और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान भी तेजी से संभव होगा।
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