पंचकूला, 15 जुलाई — हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की रूपरेखा तैयार की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि अगले महीने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के सभी जिलों में 2,256 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही 594 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र और नागरिक अस्पतालों सहित कुल 785 चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए व्यापक अपग्रेडेशन कार्य किया जा रहा है। इनमें से 534 संस्थानों के लिए प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। निर्माण कार्यों में तेजी लाने हेतु लोक निर्माण विभाग के साथ नियमित समन्वय बैठकें हो रही हैं।
मातृ एवं नवजात देखभाल के लिए प्रथम रेफरल इकाइयों (FRU) की संख्या भी दोगुनी से अधिक बढ़ाकर 87 कर दी गई है, जो 2014 में मात्र 41 थीं। इसके अलावा, प्रदेश में स्कूली बच्चों को मुफ्त चश्मे वितरित करने और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए दृष्टि सुधार के उद्देश्य से ‘उज्ज्वल दृष्टि हरियाणा’ अभियान भी शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक 1.4 लाख से अधिक चश्मे वितरण किए जा चुके हैं और 21 लाख से अधिक छात्रों की आंखों की जांच की जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हो रहा है। हरियाणा में एमबीबीएस सीटें 2014 के 700 से बढ़कर अब 2,185 हो चुकी हैं। भिवानी और चरखी दादरी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से इस वर्ष अंत तक 300 सीटें और जुड़ जाएंगी। पोस्टग्रेजुएट (एमडी/एमएस) सीटें भी 289 से बढ़कर 874 हो चुकी हैं। नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छह सरकारी नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण चल रहा है, जिनमें से एक रेवाड़ी में पहले ही चालू हो चुका है।
आयुष शिक्षा और सेवाओं के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कुरुक्षेत्र के फतेहपुर गांव में श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिसमें बीएएमएस, पीजी और फार्मेसी डिप्लोमा के कुल 208 सीटें होंगी। इसके अलावा रेवाड़ी और जींद में आयुष हर्बल पार्क स्थापित किए जाएंगे तथा अंबाला में सरकारी होम्योपैथिक कॉलेज का प्रस्ताव है।
लिंगानुपात के सुधार को लेकर मंत्री ने कहा कि कड़ी निगरानी और अवैध गर्भपात पर रोक लगाने के कारण हाल के वर्षों में इसमें सुधार देखा गया है। एमटीपी गोलियों की बिना प्रिसक्रिप्शन बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।
हरियाणा सरकार की ये पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की ओर बढ़ रही है, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा में भी नयी ऊँचाइयां हासिल होंगी।
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