Saturday , 15 August 2026
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक

हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसलों पर लगी मुहर|

चंडीगढ़-हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। इसमें 12 प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। विधानसभा के मॉनसून सत्र पर भी फैसला लिया गया। 27 अगस्त से मॉनसून सत्र शुरु होगा, जो तीन दिन तक चलेगा। मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी दी। बताया कि वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम लागू किया गया। इसमें विश्व बैंक के सहयोग से 5,714.80 करोड़ की लागत आएगी। 15 सिंचाई क्लस्टरों में 48.94 लाख एकड़ भूमि कवर होगी, जिससे 45 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। महिला स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन योजना को भी हरी झंडी दी गई। इसमें 1 वर्ष तक लीज रेंट पर 50% सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख), 7 वर्षों तक 100% SGST छूट और 50 हजार से ₹1 लाख तक अनुदान दिया जाएगा। कोचिंग संस्थानों लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। नए नियम 2026 के तहत सभी प्राइवेट कोचिंग सेंटरों को सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। नर्सिंग होम नीति में बदलाव के साथ डॉक्टर अब अपने स्वामित्व के अलावा लीज़ पर लिए गए रिहायशी प्लॉट पर भी नर्सिंग होम चला सकेंगे।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

विश्व बैंक वित्त पोषित 5,714 करोड़ के ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’

जल भविष्य को सुरक्षित करने और जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने की राज्य की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्व बैंक वित्त पोषित ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम (WSHP)’ को मंजूरी दी गई। इस प्रोग्राम की अनुमानित लागत 5,714.80 करोड़ रुपये है। एकीकृत जल क्षेत्र प्रोग्राम के तहत भूजल स्तर में गिरावट, सिंचाई दक्षता, जल उपलब्धता और कृषि क्षेत्र में जल के सतत उपयोग जैसी चुनौतियों पर काम किया जाएगा। प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टरों में लगभग 45 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रोग्राम में 4,000.36 करोड़ रुपये का विश्व बैंक ऋण तथा 1,714.44 करोड़ रुपये राज्य सरकार का हिस्सा होगा। यह प्रोग्राम 15 प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टरों में लागू किया जाएगा, जिनमें 48.94 लाख एकड़ सिंचाई योग्य कमांड एरिया शामिल है। इसके तहत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (I&WRD), सूक्ष्म सिंचाई एवं कमांड एरिया विकास प्राधिकरण (MICADA) तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न कार्य किए जाएंगे।

शहरी क्षेत्र विकास में संशोधन

बैठक में विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति (2016-17) की 45वीं रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार ‘हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास और विनियमन नियम, 1976’ में संशोधनों को मंज़ूरी दी गई। इन संशोधनों का उद्देश्य शहरी विकास नियामक ढांचे के तहत आवेदनों, जांच-पड़ताल, फैसलों की जानकारी देने और लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़े विभिन्न प्रावधानों को सरल और सुव्यवस्थित करना है। ये संशोधन समिति की नौ सिफारिशों के आधार पर मंज़ूर किए गए हैं, जिन्हें नियमों में शामिल करने के लिए उपयुक्त पाया गया था। कुल 21 सिफारिशों में से बाकी 12 सिफारिशें पहले से ही ‘हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास और विनियमन अधिनियम, 1975’, मौजूदा नियमों या सरकारी नीतियों के दायरे में शामिल पाई गईं।

 

हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर फिजियोथेरेपी एक्ट निरस्त

नैशनल कमीशन फॉर अलाइड एण्ड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स एक्ट, 2021 के प्रावधानों के मद्देनजर हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर फिजियोथेरेपी एक्ट, 2020 को निरस्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। फिजियोथेरेपी व्यवसाय को एन. सी. ए. एच. पी. ऐक्ट, 2021 की अनुसूची में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। वर्तमान में हरियाणा राज्य फिजियोथेरेपी परिषद द्वारा किए जा रहे नियामक कार्यों को राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद के वैधानिक ढांचे के अनुरूप लाना तथा उसमें समाहित करना आवश्यक है। इसी के अनुरूप, हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर फिजियोथेरेपी ऐक्ट, 2020 को निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही उचित एवं संक्रमणकालीन प्रावधान किए जाएंगे, ताकि हरियाणा राज्य फिजियोथेरेपी परिषद के मौजूदा पंजीकरण, प्रमाण-पत्र, अभिलेख, परिसंपत्तियां, देनदारियां, लंबित कार्यवाहियां तथा अन्य कार्य किसी भी प्रकार से प्रभावित न हों।

 

महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को विशेष सहायता

हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति 2022 में व्यापक पूरक प्रावधान को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप प्रणाली को और मजबूत करना, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना, स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना तथा उभरते उद्यमियों को बेहतर वित्तीय एवं संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना है। यह पूरक प्रावधान संकल्प पत्र के तहत की गई वित्त वर्ष 2025-26 के बजट भाषण की विभिन्न घोषणाओं, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के निर्देशों तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा विभिन्न राज्य स्तरीय कार्यक्रमों और स्टार्टअप एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान की गई घोषणाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य नीति के तहत अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा स्टार्टअप को उनके विकास के विभिन्न चरणों में अधिक प्रभावी सहायता प्रदान करना है। पूरक प्रावधानों के तहत महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को एक वर्ष के लिए लीज के किराए में 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जो अधिकतम 10 लाख रुपये तक होगी। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को सात वर्ष की अवधि के लिए शुद्ध एसजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी, जो स्थायी पूंजी निवेश (एफसीआई) के 100 प्रतिशत की सीमा तक होगी। सामान्य स्टार्टअप को सात वर्ष की अवधि तक एसजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति मिलेगी।

नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में संशोधन

बैठक में लाइसेंस प्राप्त आवासीय कॉलोनियों में नर्सिंग होम स्थापित करने की नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। संशोधन के अनुसार अब योग्य डॉक्टरों को अपने स्वामित्व वाले आवासीय प्लॉट के साथ-साथ लीज पर लिए गए आवासीय प्लॉट पर भी नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित कन्वर्जन शुल्क का भुगतान करना होगा। संशोधन के तहत एलोपैथिक/आयुष पद्धति के डॉक्टरों के आवासीय प्लॉट पर नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें मरीजों को भर्ती करने और इनडोर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। डॉक्टरों के पास मेडिकल काउंसिल/आयुष काउंसिल का पंजीकरण नंबर होना आवश्यक होगा। डॉक्टर का वर्तमान में प्रैक्टिस करना तथा स्थानीय शाखा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ पंजीकृत होना भी आवश्यक होगा। इस संबंध में आवेदन के साथ शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी बिल को मंज़ूरी

 

हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ एक्ट, 2006 में संशोधन करके गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए ‘हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ (संशोधन) बिल, 2026’ लाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। प्रस्तावित यूनिवर्सिटी की स्थापना शांति फाउंडेशन ट्रस्ट, गुरुग्राम द्वारा की जाएगी, जो शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाला एक चैरिटेबल, गैर-राजनीतिक, गैर-लाभकारी और धर्म-निरपेक्ष ट्रस्ट है। इस प्रस्ताव का मकसद राज्य के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के मौकों का विस्तार करना और हरियाणा में उच्च शिक्षा की क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को मज़बूत करना है।

यूनिवर्सिटी को लगभग 5.14 एकड़ की जुड़ी हुई ज़मीन पर स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस जगह पर पहले से ही लगभग 1,07,358 वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र वाली एक इमारत मौजूद है, जिसमें लगभग 96,600 वर्ग फुट का शिक्षण क्षेत्र, 5,400 वर्ग फुट का प्रशासनिक क्षेत्र, 5,000 वर्ग फुट का सुविधाओं वाला क्षेत्र और 358 वर्ग फुट का आवाजाही (सर्कुलेशन) क्षेत्र शामिल है। प्रायोजक ट्रस्ट के पास यह प्रॉपर्टी 30 साल की लीज़ पर है।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *