फरीदाबाद: सेक्टर-76 पी ब्लॉक के रिहायशी इलाके में बिना अनुमति चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार (DTP) की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने करीब 15 ऐसी यूनिट की पहचान की, जहां रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इनमें से 9 यूनिट को सील कर दिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी के अनुसार, विभाग को शिकायत मिली थी कि रिहायशी मकानों के ग्राउंड फ्लोर पर बिना अनुमति दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। शिकायत के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई जगह काम जारी रहा। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान रिटायर्ड पुलिसकर्मी से हुआ विवाद
कार्रवाई के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड एक सब इंस्पेक्टर ने कार्रवाई का विरोध किया। बताया गया कि रिटायर्ड पुलिसकर्मी रिहायशी क्षेत्र में प्रॉपर्टी कार्यालय चला रहे थे।
डीटीपी की टीम जब सीलिंग की कार्रवाई कर रही थी, तो रिटायर्ड अधिकारी ने इसका विरोध किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बहस करने लगे। डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी ने पुलिसकर्मियों से उन्हें मौके से हटाने को कहा। आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
मौके पर मौजूद एएसआई शिवकुमार से भी डीटीपी अधिकारी ने सहयोग करने को कहा। स्थिति को देखते हुए यजन चौधरी ने पुलिस कमिश्नर से संपर्क करने की बात कही। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
ब्यूटी पार्लर से लेकर नर्सिंग होम तक चल रहे थे
डीटीपी अधिकारी के मुताबिक, जिन यूनिट पर कार्रवाई की गई, उनमें ब्यूटी पार्लर, क्लिनिक और बिना अनुमति नर्सिंग होम जैसी गतिविधियां चल रही थीं। करीब 4 से 5 यूनिट संचालकों ने टीम के पहुंचने से पहले या कार्रवाई के दौरान खुद ही जगह खाली कर दी।
एक नर्सिंग होम में मरीज भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई। मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए संचालक को सोमवार तक का समय दिया गया है। इसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीटीपी ने लोगों से की अपील
डीटीपी अधिकारी यजन चौधरी ने लोगों से अपील की है कि रिहायशी क्षेत्रों में बिना अनुमति किसी तरह की कमर्शियल या अनधिकृत गतिविधि न चलाएं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर विभाग की कार्रवाई से आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए लोग खुद ही ऐसी गतिविधियों को बंद कर दें।
वहीं, कार्रवाई के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि कार्रवाई में कथित तौर पर बाधा डालने और मौके पर पुलिस के रवैये को लेकर विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
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