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चंडीगढ़ डिजिटल अरेस्ट स्कैम में 10 आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़ डिजिटल अरेस्ट स्कैम में 10 आरोपी गिरफ्तार, 1.01 करोड़ की ठगी का खुलासा

चंडीगढ़,1 अगस्त 2025 : चंडीगढ़ साइबर सेल ने एक बड़े डिजिटल अरेस्ट स्कैम का खुलासा करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन फर्जी पहचान बनाकर लोगों को लाखों रुपए की ठगी करते थे। इस गिरोह ने ₹1.01 करोड़ की ठगी की है और साइबर फ्रॉड के लिए विदेशों से कनेक्टेड सिम बॉक्स का इस्तेमाल कर कॉल रूटिंग की तकनीक अपनाई थी।

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क्या है डिजिटल अरेस्ट स्कैम?

यह स्कैम आरोपियों द्वारा फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर वॉट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को डराना-धमकाना और उनसे उनके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करवाने का तरीका था।

सेक्टर-33-डी की मंजीत कौर ने पुलिस को बताया कि 11 जुलाई को दो नंबरों से कॉल आई – एक वॉयस कॉल नंबर 7626808695 (लुधियाना से एक्टिवेट) और वॉट्सऐप वीडियो कॉल नंबर 8414020165 (मिजोरम से एक्टिवेट)। कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी सुनील बताया और आधार कार्ड व बैंक खाते के दुरुपयोग का आरोप लगाकर ₹1.01 करोड़ से ज्यादा रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली।


आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

  • मेरठ निवासी परवेज चौहान (33 वर्ष) – सिम बॉक्स, ब्रॉडबैंड राउटर, 70-80 सिम कार्ड, मोबाइल फोन बरामद।

  • अमृतसर निवासी शुभम मेहरा उर्फ सनी (25 वर्ष) – 6 डिनस्टार सिम बॉक्स, लगभग 400 सिम कार्ड, 11 मोबाइल फोन, लैपटॉप, मोडेम, राउटर बरामद।

  • अन्य आरोपी: सुहैल अख्तर, कृष्णा शाह, विजय कुमार शाह (लुधियाना), आकाश कुमार, अजीत कुमार, विपिन कुमार, सरोज कुमार, अभिषेक कुमार।

विशेष जांच:

  • 24 जुलाई को मेरठ में छापेमारी कर परवेज चौहान को गिरफ्तार किया गया, जिसने बताया कि सिम बॉक्स के जरिए विदेशों से कॉल रूटिंग करता था और इसके लिए क्रिप्टो करेंसी USDT में भुगतान प्राप्त करता था।

  • 27 जुलाई को लुधियाना में विजय कुमार शाह गिरफ्तार हुए, जिन्होंने फर्जी KYC के जरिए कई टेलिकॉम कंपनियों के सिम कार्ड एक्टिवेट किए थे।

  • 29 जुलाई को अमृतसर में शुभम मेहरा को गिरफ्तार किया गया, जिसने फेसबुक व टेलीग्राम के जरिए विदेशी हेंडलर्स से सिम बॉक्स ऑपरेशन का जिम्मा लिया था।


साइबर फ्रॉड का दायरा और नुकसान

इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क ने न केवल भारत के सैकड़ों लोगों को निशाना बनाया, बल्कि हर महीने देश को लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान पहुंचा रहा था। टेलिकॉम सिस्टम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ।


पुलिस की भूमिका और कानूनी कार्रवाई

डीएसपी वेंकटेश और साइबर सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिजवी की सक्रिय भूमिका से यह बड़ा नेटवर्क फेल हुआ। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 308(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज है।

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