अंबाला , 18 जून: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज एक बार फिर अपने अनोखे अंदाज़ और संवेदनशील पक्ष को लेकर चर्चा में हैं। विज ने आज अंबाला के सदर बाज़ार स्थित अपने चर्चित टी पॉइंट पर मित्रों संग चाय की चुस्कियों के बीच 1973 की फिल्म “समझौता” का मशहूर गीत “कोई नहीं है मेरा…” गुनगुनाया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गीत के बोल – “सूरज को छूने निकला था, आया हाथ अंधेरा…” – न केवल विज की भावनात्मक गहराई को दर्शाते हैं, बल्कि उनकी ज़मीनी छवि को और मजबूत करते हैं। इस मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि मंत्री विज हमेशा आमजन से जुड़ने का कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लेते हैं।
यह गीत मूलतः मोहम्मद रफी द्वारा गाया गया था, जिसके बोल इंदिवर ने लिखे थे और संगीत कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने दिया था। विज द्वारा इसे गुनगुनाने से न केवल उनकी भावुकता झलकी, बल्कि यह भी साबित हुआ कि वे राजनीति से इतर भी जीवन को गहराई से समझते हैं।
गौरतलब है कि अनिल विज पहले भी कई बार अपनी मित्र मंडली के बीच गीत गुनगुना चुके हैं। उनके इस अंदाज़ ने उन्हें न केवल एक नेता बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
