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कुंभ मेला: जाति-भेद मिटाने वाला एकता का महायज्ञ – प्रधानमंत्री मोदी

कुंभ मेला: जाति-भेद मिटाने वाला एकता का महायज्ञ – प्रधानमंत्री मोदी

प्रयागराज, 13 दिसंबर (गर्ग) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में कुंभ मेले को भारतीय संस्कृति का अद्वितीय उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला “एकता का महायज्ञ” है, जहां जाति-भेद और भेदभाव की सभी सीमाएं मिट जाती हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कुंभ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है, जहां भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता के दर्शन होते हैं। संगम में डुबकी लगाने वाला हर भारतीय ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अद्भुत तस्वीर पेश करता है।”

उन्होंने महाकुंभ की ऐतिहासिक और सामाजिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल श्रद्धालुओं को ही नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज को सकारात्मक संदेश देता है।

महाकुंभ 2025: देश की संस्कृति को नई ऊंचाई देने का अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि महाकुंभ 2025 भारतीय संस्कृति और सभ्यता की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई तक ले जाएगा। “प्रयागराज की पवित्र भूमि पर इतिहास रचने की तैयारी हो रही है। यह महाकुंभ पूरी दुनिया में एकता और शांति का संदेश देगा।”

उन्होंने आयोजन में जुटे अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सफाई कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि श्रद्धालुओं को भव्य और दिव्य अनुभव मिलेगा।”

डबल इंजन सरकार के प्रयासों का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले कुंभ जैसे आयोजनों में श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा, “पहले की सरकारें भारतीय संस्कृति के महत्व को समझने में असफल रहीं। लेकिन आज केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि महाकुंभ के लिए आधारभूत ढांचे, सुरक्षा और साफ-सफाई के बेहतर इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

संगम पर वैदिक अनुष्ठान और आरती

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिवेणी संगम पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों की पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने त्रिवेणी की आरती की और आगामी महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उपस्थित रहीं।

प्रधानमंत्री ने प्रमुख संतों का आशीर्वाद लेकर त्रिवेणी में अक्षत, चंदन और फूल अर्पित किए। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ का हर आयोजन वैश्विक शांति और सद्भाव का संदेश देगा।

प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “महाकुंभ एक ऐसा आयोजन है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होगी। यह भारत की सांस्कृतिक एकता और समृद्धि का प्रतीक बनेगा।”

महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच होगा। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। प्रयागराज प्रशासन और सरकार ने इसे अब तक का सबसे भव्य आयोजन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

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