जींद: UPI डिजिटल पेमेंट पर प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर पेट्रोल पंप डीलरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जींद में पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन की जिला स्तरीय बैठक हुई, जिसमें नए MDR को लेकर चर्चा की गई और सरकार से पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से राहत देने की मांग उठाई गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एसोसिएशन के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर पेट्रोल और फ्यूल कैटेगरी में ₹5 का फ्लैट MDR लागू होना है। रिपोर्टों के मुताबिक यह शुल्क मर्चेंट स्तर पर लागू होगा, जबकि ग्राहकों से सीधे MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
पेट्रोल पंप डीलरों ने सरकार से की MDR हटाने की मांग
जींद में हुई बैठक के दौरान पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन ने MDR को लेकर सरकार को पत्र भेजने पर सहमति जताई। एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र भेजकर पेट्रोल पंपों को UPI MDR से छूट देने की मांग की जाएगी।
डीलरों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में UPI का इस्तेमाल बड़ी संख्या में ग्राहक करते हैं। ऐसे में प्रत्येक पात्र डिजिटल ट्रांजैक्शन पर MDR लगने से पेट्रोल पंप संचालकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
सालाना अतिरिक्त खर्च बढ़ने का दावा
पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन का दावा है कि MDR लागू होने के बाद एक पेट्रोल पंप को सालाना करीब 1 से 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। डीलरों का कहना है कि पहले से सीमित मार्जिन में काम करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के लिए यह अतिरिक्त लागत परेशानी बढ़ा सकती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में पेट्रोल पंप डीलर संगठनों ने भी ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR को लेकर आपत्ति जताई है और इसे हटाने की मांग की है। कुछ संगठनों ने MDR जारी रहने की स्थिति में बड़े UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और कैश भुगतान की ओर जाने की चेतावनी भी दी है।
मांग पूरी नहीं हुई तो कैश पेमेंट का विकल्प
एसोसिएशन ने कहा है कि अगर सरकार उनकी मांग पर विचार नहीं करती और पेट्रोल पंपों को MDR से छूट नहीं मिलती, तो डीलर ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का विकल्प अपना सकते हैं।
हालांकि, यह निर्णय फिलहाल चेतावनी और एसोसिएशन के स्तर पर रखी गई मांग के तौर पर सामने आया है।
जींद में 185 पेट्रोल पंप
पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अनुसार, जींद जिले में करीब 185 पेट्रोल पंप हैं। इनमें लगभग 35 से 40 पंपों पर CNG की सुविधा भी उपलब्ध है।
एसोसिएशन का कहना है कि वह डिजिटल पेमेंट के खिलाफ नहीं है, लेकिन पेट्रोल पंप कारोबार पर MDR के अतिरिक्त बोझ को लेकर सरकार से राहत चाहती है। अब डीलरों की नजर सरकार के अगले कदम पर है।
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