Tuesday , 28 July 2026

मुंबई में स्थापित हुई गणपति की सबसे मंहगी मूर्ति, जानें क्या है इसकी खासियत ?

महाराष्ट्र में 10 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव मंगलवार को शुरू हो गया, जिसमें समृद्धि और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की मूर्तियां पूरे राज्य में घरों और पंडालों में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ स्थापित की गईं। महाराष्ट्र में त्योहार का सार्वजनिक उत्सव 1890 के दशक से शुरू हुआ, जब राष्ट्रवादी नेता बाल गंगाधर तिलक और अन्य लोगों ने जनता को संगठित करने के लिए इसका इस्तेमाल करने का फैसला किया।

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पिछले कछ दिनों में मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख शहरों में गणेश मंडल बड़ी मूर्तियों को ढोल-ताशा की थाप के साथ जुलूस में अपने पंडालों में ले जाया गया। घरेलू गणेश प्रतिमाएं अधिकतर सोमवार की रात या मंगलवार की सुबह ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ लाई गईं। फूल, पूजा सामग्री, मिठाई और सजावटी सामान खरीदने के लिए भक्तों की भीड़ सब्जी और फूल बाजारों, मिठाई की दुकानों और सड़क किनारे लगी दुकानों पर उमड़ी।

जेएसबी सेवा मंडल की सबसे कीमती मूर्ति

मुंबई में जीएसबी सेवा मंडल ने गणेशोत्सव के लिए सबसे महंगी गणेश मूर्ति स्थापित की है। जीएसबी सेवा मंडल राज्य के सबसे अमीर मंडल के रूप में जाना जाता है. इस साल इस मंडल की गणेश प्रतिमा 69 किलो सोने और 336 किलो चांदी से बनी है। जीएसबी सर्विस बोर्ड ने इसके लिए 360.45 करोड़ रुपये का बीमा भी कराया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि, जी20 की भारत की अध्यक्षता में महिला सशक्तीकरण की चर्चा का दुनिया स्वागत कर रही है, उसे स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया समझ रही है कि सिर्फ महिलाओं की विकास की बात पर्याप्त नहीं हैं। हमें मानव जाति की विकास यात्रा में उस नये पड़ाव को अगर प्राप्त करना है, तो आवश्यक है कि महिला नीत विकास को बल दें।

उन्होंने कहा कि हर देश की विकास यात्रा में ऐसे क्षण आते हैं जब वह गर्व से कहता है कि आज के दिन हम सबने नया इतिहास रचा है। पीएम मोदी ने कहा कि अनेक वर्षों से महिला आरक्षण के संबंध में बहुत चर्चाएं हुई हैं, बहुत वाद-विवाद हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर संसद में पहले भी कुछ प्रयास हुए हैं और इस कड़ी में 1996 में इससे जुड़ा विधेयक पहली बार आया था।

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