पंजाब डेस्क- तीन कृषि कानूनों और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के फैसले के बाद पंजाब की सियासत तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव लाने का दावा किया है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल केंद्र सरकार के बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के फैसले का भी विरोध किया है। सुखबीर सिंह बादल ने विधानसभा में प्रस्ताव लाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ”हम सदन से एक निष्प्रभावी समाधान की बजाय एक निर्देश चाहते हैं।
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हम सदन से एक निर्देश की मांग करेंगे कि उसके निर्णय को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लागू करें। पंजाब मंत्रिमंडल ने केंद्र द्वारा बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर तक बढ़ाने का विरोध करने के लिए विधानसभा को आठ नवंबर को बुलाने को बुधवार को मंजूरी दी। बादल ने कहा कि, जिस तरह अमरिंदर सिंह ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के केंद्र के फैसले को उचित ठहराया उससे यह पता चलता है कि, पंजाब कांग्रेस ने केंद्र के साथ मिलकर इसे संभव बनाया।
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तीन कृषि कानून रद्द करने के लिए सात नवंबर तक का वक्त
इससे पहले पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार को तीन कृषि कानून रद्द करने के लिए सात नवंबर तक का वक्त दिया। चन्नी ने बुधवार को कहा था कि अगर केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती है तो पंजाब विधानसभा में 8 नवंबर को इन कानूनों को रद्द करने के लिए प्रस्ताव पास किया जाएगा। चरणजीत सिंह चन्नी ने आठ नवंबर को तीन कृषि कानूनों और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के फैसले के खिलाफ विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया है।
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