नेशनल डेस्क: देश में कोरोना के बेदह घाटक वैरिएंट की सुगबुगाहट के चलते केंद्र व राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं। तो वहीं साउथ अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट ने दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। कोरोना के इस नए वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की कैटेगरी में रखते हुए WHO ने इसे ओमिक्रॉन नाम दिया है। यह कोरोना का अब तक का सबसे अधिक म्यूटेशन करने वाला वैरिएंट माना जा रहा है। यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे ‘डरावना’ बता रहे हैं। इस वैरिएंट को भारत में दूसरी लहर और दुनिया के कई देशों में तीसरी लहर की वजह बने डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा म्यूटेशन और तेजी से फैलने वाला करार दिया गया है।
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बैठकों का दौर हुआ शुरू
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ इस नए वैरिएंट से बचाव के लिए मंथन किया। इस बैठक में उन्होंने सभी राज्यों को छह सूत्रीय उपाय बताए। उन्होंने इस बैठक में कहा कि अगर राज्य इन उपायों को अपनाता है तो ओमिक्रोन वैरिएंट के बारे में जल्द से जल्द पता चल सकेगा और इससे निपटने में आसानी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे जांच में इजाफा करें ताकि सही समय पर यह पकड़ में आ जाए और केसों का मैनेजमेंट भी किया जा सके। केंद्र ने राज्य सरकारों को दी ये नसीहत..
1-केंद्र ने राज्यों से कंटेनमेंट जोन तैयार करने के लिए कहा है।
2-राज्यों में हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने के लिए कहा है।
3-हॉटस्पॉट की निगरानी बढ़ाने के लिए भी कहा गया।
4-वैक्सीनेशन के कवरेज में इजाफा।
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