नेशनल डेस्क– पंजाब में कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू की मुश्किलें बढ़ने की स्थिती बनी हुई है। बता दें, कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू पर रोडरेज के दौरान गैर इरादतन हत्या का मामला दज् किया गया था इस बात को लगभग 34 साल बीत चुके है। लेकिन, दर्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट आज यानि 3 फरवरी गुरुवार को सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सिद्धू को इस मामले के लिए एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने इस पर दोबारा याचिका दायर की थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
दरअसल, ये मामला उस समय का है जब दिसंबर 1988 में सिद्धू पटियाला में कार से जाते समय बुजुर्ग गुरनाम सिंह से भिड़ गए थे। गुस्से में सिद्धू ने उन्हें मुक्का मारा जिसके बाद गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी। वहीं इस पर पटियाला पुलिस ने सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह पर कार्वाई करते हुए उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था।
Read More Stories:
निचली अदालत ने 1999 में सिद्धू को बरी कर दिया था, लेकिन पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने 2006 में सिद्धू को इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। सिद्धू तब भाजपा के अमृतसर से सांसद थे। सजा के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले का चुनौती दी थी।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
