इंटरनेशनल डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ रहे तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। AFP के अनुसार बीते गुरुवार को रूस के पहले हमले में 137 लोगों की मौत हो गई वहीं आज दूसरे दिन की शुरूआत भी दो धमाके साथ हुई है। दरअसल मिली जानकारी के अनुसार दूसरे दिन यानी यूक्रेन की राजधानी कीव में दो जोरदार धमाके की आवाजें सुनाई दी है। अमेरिकी सीनेटर रुबियो का कहना है कि पिछले 40 मिनट में राजधानी कीव में कम से कम ‘तीन दर्जन मिसाइलें’ दागी गई हैं।
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वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन हमले में घायल हुए लोगों और बलों के लिए देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार कर रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि हम अकेले ही रूस से लड़ लेंगे. उन्होंने कहा कि रूस को उनके हमले का जवाब जरूर मिलेगा।

वैश्विक स्तर पर शांति भंग होने को लेकर चिंता
व्लादिमीर पुतिन की ओर से यूक्रेन पर हमले किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर शांति भंग होने को लेकर चिंता बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अशांति और अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है। दो देशों के बीच जारी जंग में बड़ी शक्तियों के बीच भी मतभेद काफी बढ़ गए हैं। परमाणु युद्ध को लेकर भी एक तरह से खतरा मंडरा रहा है। यूरोप में तीसरे वर्ल्ड वॉर के हालात पैदा होते दिखाई दे रहे हैं. यूक्रेन और रूस के बीच विवाद की असली जड़ को भी समझना जरूरी है. दरअसल, साल 1991 में यूक्रेन ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता की घोषणा की थी. यूक्रेन अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य संगठन नाटो (NATO) में शामिल होना चाहता है लेकिन रूस को ये बात पसंद नहीं है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ये नहीं चाहते हैं कि यूक्रेन नाटो की विस्तार योजना में शामिल हो.
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