हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश से हालात खराब हो गए है। तीन दिन से हो रही बारिश के कारण आई आपदा में 20 लोगों की जान चली गई। नदी-नाले उफान पर है। जगह-जगह लैंडस्लाइड से चंडीगढ़-मनाली, चंडीगढ़-शिमला NH सहित लगभग 1321 सड़कें बंद पड़ी है। भारी बारिश के कारण तीन दिन में ही करीब 4 हजार करोड़ की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!करीब 800 पेयजल योजनाएं और 4700 के करीब बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप्प पड़े है। पिछले 24 घंटे में 8 और लोगों की मौत, छह लोग नदी-नालों के तेज बहाव में बहे हैं। ठियोग और सोलन में तीन-तीन और चंबा व बिलासपुर में एक-एक की मौत हुई है। मंडी में ब्यास किनारे 113 मकान खाली कराए गए। पिछले कल नॉर्मल से 110 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। राहत की बात यह है कि आज सुबह से ही प्रदेश के क्षेत्रों को बारिश रुकी हुई है। इससे कुछेक नदियों का जल स्तर कम होने लगा है।
25 से ज्यादा पुल पानी में समा गए
भारी बारिश के कारण सड़कें जगह-जगह लैंडस्लाइड के कारण बंद हैं। 25 से ज्यादा पुल पानी में समा गए हैं। इससे परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शिमला-धर्मशाला हाईवे पर घंडल में बैली ब्रिज भी लैंडस्लाइड से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके बाद ब्रिज पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। यह सड़क हिमाचल के 10 जिलों को राजधानी शिमला से जोड़ती है। इसके बंद होने से लोअर हिमाचल का शिमला से संपर्क कट गया। अब घणाहट्टी होते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
