हिमाचल डेस्क- आज यानि 7 अक्तूबर से नवरात्रि के शुब दिन शुरु हो गए है और हिंदुओं द्वारा शुभ अवधि माने जाने वाले नौ दिवसीय नवरात्रि की शुारुआत पर गुरुवार को सैकड़ों भक्त हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में एकत्र हुए पूजा-अर्चना की। लेकिन, मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 का टीकाकरण जरूरी है। उत्तर भारत के सबसे व्यस्त मंदिरों में से एक, बिलासपुर जिले में पहाड़ी की चोटी पर स्थित नैना देवी मंदिर में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ दिल्ली के अधिकांश तीर्थयात्री आए।
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प्रतिदिन 25,000 से 30,000 भक्तों के आने की उम्मीद
ऊना जिले के चिंतपूर्णी के लोकप्रिय मंदिरों कांगड़ा जिले के ज्वालाजी, ब्रजेश्वरी देवी मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। नैना देवी मंदिर के एक अधिकारी ने आईएएनएस को फोन पर बताया, हम नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन 25,000 से 30,000 भक्तों के आने की उम्मीद कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि, केवल उन भक्तों को, जिनके पास अंतिम टीकाकरण प्रमाण पत्र या आरटी-पीसीआर नकारात्मक रिपोर्ट है, जो 72 घंटे से अधिक पुराने नहीं हैं, उन्हें राज्य भर के मंदिरों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।
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मंदिरों के लिए ऑनलाइन पेशकश
भक्त ब्रजेश्वरी देवी, नैना देवी, चिंतपूर्णी, ज्वालाजी मंदिरों के ऑनलाइन लाइव दर्शन कर सकेंगे। वे मंदिरों के लिए ऑनलाइन पेशकश करने में भी सक्षम होंगे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि, सभी प्रमुख मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसा के साथ बता दें, महोत्सव का समापन 15 अक्टूबर को होगा।
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