हरियाणा डेस्क: डेंटल सर्जन भर्ती की लिखित परीक्षा में नंबर बढ़ाने को लेकर हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के उप सचिव एचसीएस अधिकारी अनिल नागर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक करोड़ आठ लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोप है कि यह रकम डेंटल सर्जन भर्ती के लिए ली गई थी।
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छापेमारी के दौरान नागर के सहयोगी झज्जर निवासी अश्वनी के घर से एक करोड़ 7 लाख, 97 हजार रुपये की राशि बरामद की है। देर रात तक नागर के एक अन्य सहयोगी के घर पर सर्च अभियान चलता रहा। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि यहां से भी और अधिक राशि बरामद हो सकती है।

26 सितंबर को हो चुकी है लिखित परीक्षा
एचपीएससी की ओर से डेंटल सर्जन के 81 पदों पर भर्ती की जानी है। इसके लिए 26 सितंबर को लिखित परीक्षा हो चुकी है। इसी परीक्षा में नंबर बढ़ाने को लेकर पैसे लेने का खेल चल रहा था। विजिलेंस के पास इसकी शिकायत पहुंची थी। इसी आधार पर बुधवार को विजिलेंस ने आयोग से जुड़ी सॉफ्टवेयर एजेंसी के कर्मचारी नवीन को 20 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था।

भिवानी निवासी नवीन ने डेंटल सर्जन को दी मोटी रकम
भिवानी निवासी नवीन ने यह रकम डेंटल सर्जन की लिखित परीक्षा में नंबर बढ़ाने के नाम पर रिश्वत के तौर पर ली थी। नवीन की सॉफ्टवेयर एजेंसी का कार्यालय पंचकूला के सेक्टर 11 में है। गुरुवार को नवीन के खिलाफ केस दर्ज कर उसे चार दिन के रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में नवीन ने आयोग के बारे में कई खुलासे किए हैं। इसी आधार पर विजिलेंस अश्वनी के घर पहुंची और वहां से राशि बरामद की। अश्वनी ने पूछताछ में बताया कि यह राशि एचसीएस अधिकारी अनिल नागर की है।
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