हरियाणा डेस्क: गृहमंत्री अनिल विज ने हरियाणा विधानसभा द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान कहा कि ‘‘एसवाईएल से जो कि हमारा हक बनता है और हमें सारे ट्रिब्यूनल में 3.5 एमएएफ का पानी दिया गया है हम पानी आज तक ला नहीं सकें’’। उन्होंने कहा कि ‘‘हम अंदाजा नहीं लगा सकते है कि हरियाणा को उसका आर्थिक तौर पर कितना नुकसान हुआ हैं हमारे खेतों की प्यास जिस पानी से बुझनी थी वो खेत प्यासे रह गए’’।
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‘हमारी इकोनोमिक ग्रोथ पंजाब से ज्यादा, आज हमने पंजाब से बड़ा बन कर दिखाया है’
गृह मंत्री ने हरियाणावासियों के परिश्रम की प्रंशसा करते हुए कहा कि ‘‘हरियाणा मेहनतकश लोगों का प्रदेश है और हरियाणा ने करके दिखाया है। जब 1966 में हरियाणा व पंजाब बना, तो हरियाणा की हालत ठीक नहीं थी लेकिन हरियाणा के लोगों ने हरियाणा को संवारा, तरक्की की बुलंदियों तक पहुंचाया और आज हालत ये है कि हम पंजाब से बड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘हमारी इकोनोमिक ग्रोथ पंजाब से ज्यादा है और आज हमने पंजाब से बड़ा बन कर दिखाया है’’।

विज ने कही ये खास बातें..
विज ने कहा कि ‘‘सदन यह स्वरूप देखकर आज मुझे अच्छा लग रहा है कि अपनी सब राजनीतिक विचारधाराओं को भुलाकर इस मुदे पर लडने के लिए साथ खडे हैं’’। उन्होंने कहा कि ‘‘हुडा साहब ने बाबुलंद कहा, उनकी पार्टी इस मुदे पर हर जगह पर जाने के लिए तैयार है हम तहेदिल से इसका स्वागत करते है’’। उन्होंने कहा कि ‘‘अच्छा लगता है कि जब देश व राष्ट्र का मुदा हो तो आपसी मुदे बीच में नहीं आने चाहिए’’। उन्होंने कहा कि ‘‘चण्डीगढ अकेला मुदा नहीं है इसके साथ एसवाईएल का पानी जुडा हुआ है, हिन्दी भाषी क्षेत्र जुडे हुए हैं और इसके साथ नई कैपीटल बनाने के लिए वित्तीय मदद जुडी हुई है’’। उन्होंने कहा कि ‘‘अगर हम नई कैपीटल बनाएं तो केन्द्र से कैपीटल का पैसा मिलना चाहिए ताकि उसकी मुताबिक हम नई कैपीटल बना सकें’’।

‘‘जब तक इन सारे मुदों का एकल फैसला नहीं होगा, हरियाणा यहां डटा रहेगा’’-विज
गृह मंत्री ने कहा कि ‘‘जब तक इन सारे मुदों का एकल फैसला नहीं होगा, हरियाणा यहां डटा रहेगा और चण्डीगढ़ से हरियाणा का पैर लगा रखा है और हरियाणा के पैर को कोई उखाड़ नहीं सकता’’।
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